कोलकाता, 13 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से टीएमसी उम्मीदवार रहे तीर्थंकर घोष को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर लॉटरी घोटाले, जबरन वसूली और हथियारों के दम पर लोगों को धमकाने जैसी कई असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं।
तीर्थंकर घोष काफी समय से फरार चला रहा था। पुलिस उसके तलाश में जुटी हुई थी। वह टीएमसी नेता निर्मल घोष का बेटा है। ममता बनर्जी की पिछली सरकार के दौरान निर्मल घोष पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) थे।
मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक ठिकाने पर छापा मारकर तीर्थंकर को गिरफ्तार किया है। सोमवार को उसे उत्तर 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाएगा और सरकारी वकील इस मामले में उनकी पुलिस कस्टडी की मांग करेंगे।
वर्ष 2021 में पानीहाटी से लगातार तीसरी बार चुने जाने के बाद निर्मल घोष और उनके बेटे का नाम इलाके में चुनाव के बाद हुई हिंसा में सामने आया था। निर्मल घोष और तीर्थंकर पर एक स्थानीय ड्राइवर द्वारा लॉटरी में जीते गए लगभग एक करोड़ रुपए जबरन छीनने का आरोप भी था।
पुलिस उस लॉटरी मामले में उनकी तलाश कर रही थी। हालांकि दोनों फरार थे, लेकिन शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित विधायक रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की बैठक में निर्मल घोष की भागीदारी को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि बाद में रितब्रत ने निर्मल घोष के अपनी टीम का हिस्सा होने की संभावना को खारिज कर दिया था।
विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने पानीहाटी से निर्मल घोष की जगह तीर्थंकर को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन भाजपा उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने 28,000 से अधिक वोटों के अंतर से तीर्थंकर को हरा दिया था।