कोलकाता, 13 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और विद्यालयों में परोसे जाने वाले भोजन की पोषण और गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से एक अत्यंत महत्वपूर्ण, परिवर्तनकारी और जनहितैषी निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य के शिक्षा मंत्रियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक के बाद घोषणा की कि इस्कॉन 1 अगस्त से कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों के स्कूलों में दोपहर का भोजन उपलब्ध कराना शुरू कर देगा।
अधिकारी ने यह भी घोषणा की कि प्राथमिक विद्यालय की मध्याह्न भोजन योजना के तहत प्रति छात्र आवंटित राशि 1 अगस्त से मौजूदा 6.78 रुपए से बढ़ाकर 10 रुपए कर दी जाएगी।
अधिकारी ने विकास भवन में बैठक के बाद मीडिया को बताया कि इस्कॉन 1 अगस्त से कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों के स्कूलों में दोपहर का भोजन उपलब्ध कराना शुरू करेगा। वे कुछ सब्सिडी भी प्रदान करेंगे। भोजन उच्च गुणवत्ता का होगा। प्राथमिक विद्यालय के दोपहर के भोजन के लिए आवंटित राशि मौजूदा 6.78 रुपए प्रति छात्र से बढ़ाकर 10 रुपए प्रति छात्र कर दी जाएगी।
वहीं, सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार करा रहे रोगियों के दैनिक भोजन का खर्च 56.64 रुपए से बढ़ाकर 110.00 रुपए कर दिया गया है। 1 अगस्त, 2026 से अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर गुणवत्ता वाला संतुलित भोजन मिलेगा।
सरकार का मुख्य उद्देश्य आम और वंचित लोगों के साथ खड़ा रहना और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले अवसर, सुविधाएं और सेवाएं प्रदान करना है। राज्य के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण सरकारी सेवाओं में भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
गौरतलब है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में अंतिम संशोधन 2017 में हुआ था। लगभग 9 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद सत्ता संभालने के मात्र 2 महीनों के भीतर ही हमारी सरकार ने इस मामले में सकारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया है।
सरकार जनता के कल्याण के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। पौष्टिक भोजन रोगियों के स्वास्थ्य को सुधारने, बच्चों की बुद्धि के विकास और अच्छे स्वास्थ्य के निर्माण में प्रभावी होगा।
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