अयोध्या, 13 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच, तपस्वी छावनी के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने सोमवार को कहा कि मंदिर से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी के दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी जांच पर राजनीतिक कारणों का असर नहीं पड़ना चाहिए।
आईएएनएस से बात करते हुए परमहंस आचार्य ने कहा, "राम मंदिर आस्था का केंद्र है और दुनिया भर के लोगों की इसमें गहरी श्रद्धा है। अगर किसी ने राम मंदिर से जुड़ी कोई गंभीर गड़बड़ी की है, तो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। ऐसे मामले में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।"
उन्होंने विपक्ष के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा, "कोई भी जांच सिर्फ इंडी गठबंधन के कहने पर नहीं होनी चाहिए। जिन लोगों ने राम मंदिर का विरोध किया है और कभी वहां गए भी नहीं हैं, उन्हें मंदिर से जुड़े मामलों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वे बस इसे बदनाम करना चाहते हैं और भक्तों के मन में भ्रम पैदा कर रहे हैं।"
इस बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर परिसर का दौरा किया। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने परिसर के भीतर कई मंदिरों में पूजा-अर्चना की और मंदिर के दान गिनती केंद्र तथा तीर्थयात्री सेवा केंद्र का निरीक्षण भी किया।
इसके बाद आईएएनएस से बात करते हुए दिनेंद्र दास ने कहा, "राम लला के मंदिर में सभी अनुष्ठान और पूजा-पाठ सुचारू रूप से चल रहे हैं। सब कुछ ठीक से काम कर रहा है और कोई समस्या नहीं है। यह ट्रस्ट का आंतरिक मामला है और ट्रस्ट जो भी निर्णय लेगा, वह हमें स्वीकार्य होगा। इसके अलावा हमें और कुछ नहीं कहना है।"
वहीं, सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के महंत देवेशाचार्य जी महाराज ने इस मुद्दे को "बेहद गंभीर और अत्यंत संवेदनशील" बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने कहा, "राम मंदिर से जुड़ा मुद्दा बेहद गंभीर और अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए, पूरे हिंदू समुदाय, अयोध्या के निवासियों और बाकी सभी की एक ही मांग है: इस मामले की निष्पक्ष जांच हो। ऐसी निष्पक्ष जांच केवल सुप्रीम कोर्ट ही सुनिश्चित कर सकता है। आज एक याचिका दायर की गई है और आज ही उस पर सुनवाई होनी है।"