पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने के फैसले का एकनाथ शिंदे ने किया स्वागत, कहा- केंद्र सरकार को पूर्ण समर्थन

पेपर लीक पर सख्त कानून बनाने के फैसले का एकनाथ शिंदे ने किया स्वागत, कहा- केंद्र सरकार को पूर्ण समर्थन

मुंबई, 24 जुलाई (आईएएनएस)। देशभर में नीट पेपर लीक प्रकरण की पृष्ठभूमि में छात्रों के बीच उत्पन्न हुई चिंता को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने के लिए केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन निर्णयों का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार के रुख को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।

उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि छात्रों का हित और उनका उज्ज्वल भविष्य केंद्र की एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जंतर-मंतर सहित देशभर में आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ सरकार लगातार सकारात्मक संवाद बनाए हुए है। साथ ही, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन के दौरान केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल जाकर उनसे चर्चा की, जिसके बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

शिंदे ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर स्थायी रूप से रोक लगाने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट और सख्त रुख अपनाया है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार रोकने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना का निर्णय लिया है। साथ ही, दोषियों के लिए 10 वर्ष तक के कठोर कारावास और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान करने वाला विधेयक जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस ऐतिहासिक निर्णय का दिल से स्वागत करती है और राज्य के छात्रों के अधिकारों, उनके भविष्य तथा गुणवत्तापूर्ण परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वहीं, शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने सोशल मीडिया पर लिखा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर करारा प्रहार। नीट से जुड़ी छात्रों की चिंताओं को लेकर केंद्र की एनडीए सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक से की गई सार्थक चर्चा के बाद अनशन समाप्त होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का कड़ा रुख स्पष्ट है। कठोर कानून, फास्ट ट्रैक अदालतें, 10 वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपए तक के भारी जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। इस संबंध में तैयार विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद शीघ्र ही संसद में पेश किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार और शिवसेना, हमारे मुख्य नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में, केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक और भ्रष्टाचार-मुक्त निर्णय का पूर्ण समर्थन करते हैं। युवाओं के अधिकारों और उनके उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

--आईएएनएस

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