नई दिल्ली: सनातन धर्म में पंचांग के अनुसार हर दिन के शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। पंचांग के पांचों अंग अर्थात वार, करण, तिथि, योग व नक्षत्र का विशेष महत्व होता है। शनिवार 11 अप्रैल को बैशाख मास, कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी। शनिवार को कई शुभ संयोग बन रहे हैं तो कुछ सावधानी भी जरूरी है।
शनिवार को नवमी तिथि पूरे दिन रहने के साथ ही अगले दिन 12 अप्रैल की देर रात 12 बजकर 37 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। दृक पंचांग के अनुसार, 11 अप्रैल को सूर्योदय सुबह 6 बजे होगा व सूर्यास्त शाम 6 बजकर 45 मिनट पर होगा।
शनिवार को नक्षत्र उत्तराषाढ़ा दोपहर 1 बजकर 39 मिनट तक रहेगा, उसके बाद श्रवण नक्षत्र लग जाएगा। योग सिद्ध शाम 6 बजकर 39 मिनट तक, करण तैतिल दोपहर 12 बजकर 1 मिनट तक रहेगा।
शनिवार के शुभ-अशुभ समय विचार से पहले बता दें कि राहुकाल, यमगण्ड और दुर्मुहूर्त जैसे अशुभ समय में कोई नया या शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग, विजय के साथ ही अभिजित मुहूर्त अति शुभ माने जाते हैं।
11 अप्रैल के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 15 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। वहीं, गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 43 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक व अमृत काल सुबह 6 बजकर 40 मिनट से 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 1 बजकर 39 मिनट से 12 अप्रैल की सुबह 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा।
11 अप्रैल के अशुभ समय की बात करें तो दृक पंचांग के अनुसार, राहुकाल सुबह 9 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक, यमगण्ड दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 33 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 6 बजे से 7 बजकर 36 मिनट तक, दुर्मुहूर्त सुबह 6 बजे से 6 बजकर 51 मिनट तक और 6 बजकर 51 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। वहीं, आडल योग सुबह 7 बजकर 10 मिनट से दोपहर 3 बजकर 23 मिनट तक और वर्ज्य समय शाम 5 बजकर 55 मिनट से 7 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
--आईएएनएस
