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पुणे पोर्श हादसा : अनीश के माता-पिता ने जनता और मीडिया का जताया आभार

पुणे

पुणे, 3 सितंबर (आईएएनएस)। चर्चित पोर्श कार हादसे में जान गंवाने वाले अनीश अवधिया की माता सविता अवधिया और पिता ओम अवधिया पुणे पहुंचे। उन्होंने पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की जांच सही ट्रैक पर होने की बात कही। इस दौरान उन्होंने पुणे और पूरे महाराष्ट्र की जनता और मीडिया का परिवार को लगातार साथ देने के लिए दिल से धन्यवाद किया।

अनीश की मां सविता अवधिया ने कहा, "मैं यहां अमितेश सर का धन्यवाद करने आई थी। पुणे की जनता, पूरे महाराष्ट्र की जनता और मीडिया ने शुरू से लेकर आज तक हमारा बहुत सपोर्ट किया है, इसके लिए मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। भगवान न करे किसी के साथ ऐसा हो, लेकिन अगर होता है तो आप लोग ऐसे ही उनका साथ बनाए रखिए ताकि उनको भी न्याय मिल सके। आजकल हर कुछ दिन में नया केस सुनने को मिलता है कि किसी नाबालिग ने किसी को मार दिया। इसलिए सरकार को बालिग होने की गाइडलाइन 18 साल से घटाकर 16 साल कर देनी चाहिए। आजकल के बच्चे समय से पहले ही बालिग हो रहे हैं। 16 साल की उम्र में वह सारी चीजें करते हैं: ड्रग्स का सेवन करते हैं, शराब पीते हैं, गाड़ियां चलाते हैं और क्राइम भी करते हैं। इसलिए हमारी सरकार से यही निवेदन है कि 18 साल की गाइडलाइन को 16 साल किया जाए।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या इसके लिए सरकार को कोई लेटर देंगी, तो उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि मीडिया के जरिए यह बात सरकार तक पहुंचे और पुलिस कमिश्नर व पुलिस अधिकारियों की तरफ से यह लेटर प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति तक जाए ताकि विधानसभा में यह मुद्दा उठे।

केस की जांच पर सविता ने कहा कि जांच बिल्कुल सही ट्रैक पर चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि न्याय मिलेगा। हमारे घर में बच्चे को आते-आते 52 घंटे लगे। मैं अपने बच्चे की बॉडी को टच नहीं कर पाई। मैं आखिरी टाइम पर अपने बच्चे को गले से नहीं लगा पाई क्योंकि आते-आते उसकी बॉडी डीकंपोज होने लग गई थी। यहां फ्रीजर नहीं दे रहे थे। अगर सरकार थोड़ी मदद कर देती तो मैं अपने बच्चे को आखिरी विदाई अच्छे से दे पाती।

उन्होंने कहा कि अनीश बहुत इंटेलिजेंट था, उसके बड़े सपने थे। वह कहता था कि मम्मी-पापा, 'मैं विदेश जाऊंगा, आप लोगों को ले जाऊंगा।' वह घर में सभी का, दादा-दादी का, बहुत ख्याल रखता था। ब्लड सैंपल बदले जाने के सवाल पर सविता ने कहा कि पूरी कोशिश की गई थी कि केस ही पलट जाए और आरोपी फ्री हो जाए, उसे 15 घंटे के अंदर छोड़ दिया गया था। लेकिन पुणे पुलिस ने बहुत अच्छे से इन्वेस्टिगेशन किया और न्याय दिलाने में सहायता की।

अनीश के पिता ओम अवधिया ने कहा कि वह मध्य प्रदेश से आए हैं। उन्होंने सीपी अमितेश कुमार से मुलाकात की और ज्ञापन दिया। उन्होंने भी बालिग की उम्र 16 साल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि आज हर दूसरे दिन होता है कि बच्चा चाकू मारकर मर्डर कर देता है और छूट जाता है। कानून में परिवर्तन होना चाहिए ताकि डर हो।

सुनील टिंगरे को क्लीन चिट मिलने पर उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने जांच की है और क्लीन चिट दिया है तो वह सही हुआ है, इस पर वह कुछ नहीं कहेंगे। अवधिया ने मांग की कि इस केस को हिट एंड रन और ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में एक उदाहरण के तौर पर पेश किया जाए। इतने बड़े आदमी के बच्चे को भी सजा मिली, यह देखकर पब्लिक डरेगी और ड्रिंक एंड ड्राइव कम होगा।

अपने बेटे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार में अनीश सबसे बड़ा था, छोटे बच्चे उसे 'दादा' बोलते थे और कहते थे कि दादा पुणे गया है, हम भी पुणे जाएंगे, दुबई जाएंगे, लेकिन सब खत्म हो गया। पुणे की जनता का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि हम मराठी भाषा को लेकर थोड़ा डर रहे थे, लेकिन आज लगता है मराठी मानुष गलत नहीं हैं, सब अपने हैं।

--आईएएनएस

पीएसके/एबीएम