पुणे पुलिस ने बॉडीबिल्डिंग और नशे से जुड़े अवैध इंजेक्शन रैकेट का किया भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

पुणे पुलिस ने बॉडीबिल्डिंग और नशे से जुड़े अवैध इंजेक्शन रैकेट का किया भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार

पुणे, 29 जुलाई (आईएएनएस)। पुणे पुलिस ने फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के नाम पर युवाओं को धोखा देने वाले एक अवैध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से मेफेंटरमाइन सल्फेट इंजेक्शन आईपी की 50 शीशियां बरामद कीं, जिनका कथित तौर पर बॉडीबिल्डिंग और नशे के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई कात्रज-दत्तानगर रोड स्थित आनंद दरबार के पास सार्वजनिक सड़क पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी बिना वैध ड्रग लाइसेंस और आवश्यक चिकित्सा एवं फार्मास्युटिकल योग्यता के इन इंजेक्शनों की अवैध बिक्री कर रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अथर्व इंद्रजीत शिंदे (24), अविनाश शिवा बालुंगी (22), प्रदीप जितेंद्र हुंबरे (26), पीयूष गणेश भरम (26) और लक्ष्मण परमेश्वर माने (36) के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मेफेंटरमाइन सल्फेट इंजेक्शन एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसे केवल योग्य चिकित्सक की सलाह और निगरानी में ही दिया जाना चाहिए। बिना उचित चिकित्सकीय परामर्श के इस तरह के इंजेक्शन का उपयोग गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि आरोपी इन इंजेक्शनों को अवैध रूप से उन लोगों को बेचने की तैयारी कर रहे थे, जो शारीरिक प्रदर्शन बढ़ाने, मांसपेशियों का विकास करने या नशे के उद्देश्य से इनका इस्तेमाल करना चाहते थे।

आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इंजेक्शनों के स्रोत, इस रैकेट के पीछे सक्रिय बड़े सप्लाई नेटवर्क की संभावना और संभावित खरीदारों की पहचान की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रतिबंधित या नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री और वितरण में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, खासकर उन लोगों के खिलाफ जो युवाओं में बढ़ते फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के क्रेज का फायदा उठा रहे हैं।

बॉडीबिल्डिंग में इंजेक्शन का मतलब आमतौर पर प्रदर्शन बढ़ाने वाले पदार्थों, जैसे एनाबॉलिक स्टेरॉयड, ह्यूमन ग्रोथ हार्मोन, पेप्टाइड्स या साइट-एन्हांसमेंट ऑयल्स के उपयोग से होता है, जिनका इस्तेमाल मांसपेशियों की तेजी से वृद्धि या शरीर की बनावट बदलने के लिए किया जाता है। हालांकि, ये तरीके गंभीर चिकित्सकीय जोखिम पैदा करते हैं और प्रतिस्पर्धी खेलों में अक्सर अवैध या प्रतिबंधित होते हैं।

कुछ खिलाड़ी, बॉडीबिल्डर और अन्य लोग प्रदर्शन बढ़ाने और अपनी शारीरिक बनावट में सुधार के उद्देश्य से इन दवाओं का दुरुपयोग करते हैं।

एनाबॉलिक स्टेरॉयड का दुरुपयोग हल्के दुष्प्रभावों से लेकर गंभीर और यहां तक कि जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। अधिकांश दुष्प्रभाव दवा बंद करने पर ठीक हो सकते हैं, लेकिन कुछ प्रभाव स्थायी भी हो सकते हैं।

बिना डॉक्टर की सलाह के ली जाने वाली इन दवाओं की खुराक अक्सर चिकित्सकों द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए निर्धारित मात्रा से 10 से 100 गुना अधिक होती है। यही कारण है कि इनके दुष्प्रभाव भी चिकित्सकीय उपयोग की तुलना में कहीं अधिक गंभीर होते हैं।

इनके संभावित दुष्प्रभावों में रक्त के थक्के, दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियां जैसे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और लीवर को नुकसान होता है। इसीलिए बिना चिकित्सकीय सलाह के अत्यधिक मात्रा में इनका इस्तेमाल जानलेवा स्वास्थ्य जटिलताओं का जोखिम कई गुना बढ़ा देता है।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम