नोएडा, 7 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा के थाना सेक्टर-39 क्षेत्र में मंगलवार को पुलिस और वाहन चोरों के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर वाहन चोर घायल हो गया, जबकि उसके नाबालिग साथी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर चोरी की एक स्विफ्ट डिजायर टैक्सी, एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा, कारतूस और एक चाकू बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को थाना सेक्टर-39 पुलिस मॉल के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान लेबर चौक की ओर से एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार चालक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन वह वाहन को तेज गति से भगाते हुए ग्राम सदरपुर की ओर फरार होने लगा। पुलिस ने तत्काल कंट्रोल रूम को सूचना देकर पीछा शुरू किया। खुद को घिरता देख आरोपी सेक्टर-42 के जंगल की ओर कार मोड़कर वाहन छोड़कर भागने लगा।
पुलिस टीम द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल आरोपी की पहचान 22 वर्षीय भानु उर्फ सागर पुत्र बच्चनराम के रूप में हुई, जो वर्तमान में सेक्टर-18 की जे.जे. कॉलोनी में रहता है और मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र का निवासी है।
पुलिस ने उसके कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। वहीं, तलाशी अभियान के दौरान उसके नाबालिग साथी को भी पकड़ लिया गया, जिसके पास से एक अवैध चाकू मिला। नाबालिग आरोपी की निशानदेही पर अट्टा मार्केट से चोरी की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने 6 जुलाई को जीआईपी मॉल गेट के पास से स्विफ्ट डिजायर टैक्सी चोरी की थी। इसके अलावा दो दिन पहले अट्टा मार्केट से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी चुराई थी। बरामद डिजायर कार थाना सेक्टर-39 में दर्ज वाहन चोरी के मुकदमे से संबंधित पाई गई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भानु उर्फ सागर पहले भी कई वाहन चोरी और अवैध हथियार रखने के मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ थाना सेक्टर-20 और सेक्टर-39 में वाहन चोरी, आपराधिक गतिविधियों तथा आयुध अधिनियम के तहत आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, नाबालिग आरोपी के लिए किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से जुड़े हैं या नहीं तथा इनके द्वारा की गई अन्य वारदातों का भी पता लगाया जा रहा है।