नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। पंजाब में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एआईसीसी के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट के एक बयान पर शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में भी स्कूलों की हालत बदतर है और राज्य की पूरी शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है।
एआईसीसी के पंजाब के इंचार्ज जनरल सेक्रेटरी सचिन पायलट ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) से अपील की है कि पंजाब के स्कूलों पर भी बराबर नजर रखी जाए। इस पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, "सचिन पायलट आम आदमी पार्टी पर कुछ रहम दिखा रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान के अपने जिले संगरूर में स्कूलों की हालत खराब है।
उन्होंने कहा कि वहां के स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। 55 हजार शिक्षक हैं, और 18 हजार शिक्षक अब तक भर्ती नहीं हुए। 70 फीसदी स्कूलों में अध्यापक नहीं हैं। स्कूली व्यवस्था चरमरा गई है।
चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की बात को लेकर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि दुनिया भारत के चुनावी व्यवस्था की ताकत को मानती है। इतने बड़े स्तर पर चुनाव करवाना, वोटर बनने से लेकर गिनती तक, पूरी प्रक्रिया का पारदर्शी होना अपने आप में बहुत बड़ी बात है।"
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के करीबी के घर पर ईडी की कार्रवाई को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि 32 लाख कैश और सोना उनके निजी सहायक के घर से मिला है। उनकी सैलरी इतनी ज्यादा नहीं है कि उन्हें इतना सोना और इतनी संपत्ति हासिल हो जाए। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं कि ये संपत्ति किसके नाम पर ली गई है।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी चीफ वाईएस जगन मोहन रेड्डी को लेकर आरपी सिंह ने कहा, "चंद्रबाबू नायडू कानून के हिसाब से कार्रवाई कर रहे हैं। जगन मोहन रेड्डी को इस पर रोना नहीं चाहिए। कार्रवाई कानून के हिसाब से होनी चाहिए और अगर किसी को लगता है कि यह कानून के हिसाब से नहीं हो रहा है, तो आप कोर्ट जा सकते हैं।" दरअसल 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार ने पूर्व वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान हुई अनियमितताओं की जांच तेज की है।
--आईएएनएस
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