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पीएम आवास योजना से जामताड़ा में बदली हजारों गरीबों की जिंदगी, पक्‍का मकान मिलने से अब छत से नहीं टपकता पानी

पीएम

जामताड़ा, 4 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने झारखंड के जामताड़ा जिले में गरीबों के 'पक्के घर' के सपने को हकीकत में बदल दिया है। कभी कच्चे घरों और प्लास्टिक की छत के नीचे जीवन बिताने वाले परिवारों को अब पक्की छत, शौचालय और सम्मान की जिंदगी मिली है।

जिले के जामताड़ा प्रखंड के नगर पंचायत शहरी क्षेत्र की प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सुनीता बावरी ने आईएएनएस को बताया कि यह बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं है। पांच सदस्यों का परिवार पहले मिट्टी और टीन के घर में रहता था। हर बारिश में घर के अंदर पानी भर जाता था। 2023 में उन्हें पीएम आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ। आज उनके पास दो कमरे, रसोई और शौचालय वाला पक्का घर है।

इसी तरह, बलराम रजक को भी योजना का लाभ मिला। मनरेगा में मजदूरी करने वाले बलराम ने बताया कि सरकार से तीन किस्तों में मिली राशि से ही उन्होंने अपना घर पूरा किया। आवास मिलने के बाद अब परिवार और मुझे राहत मिली है।

जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जामताड़ा जिले में अब तक 25,800 से अधिक लाभुकों को पीएम आवास की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 18 हजार से ज्यादा घरों का निर्माण पूरा हो चुका है और कई परिवारों ने गृह प्रवेश भी कर लिया है। योजना के तहत लाभुकों को आवास के साथ-साथ शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और बिजली कनेक्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

नगर पंचायत के वार्ड पार्षद आलोक किस्कु ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि पीएम आवास योजना के तहत पक्‍का मकान दिया जा रहा है। इस योजना में अब किस्‍त के पैसों को बढ़ाया गया है। मकान मिलने के बाद अब सुविधा हो रही है। पहले कच्‍चा मकान होने के कारण कई तरह की असुविधाएं होती थी। इस योजना का लाभ दिलाने के लिए पीएम मोदी का बहुत आभार व्‍यक्‍त करता हूं।

उन्‍होंने कहा कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया और डीबीटी के जरिए भुगतान से योजना में तेजी आई है। गांव-गांव में अब "आवास प्लस" के बोर्ड लगे हैं जो बताते हैं कि यह घर पीएम आवास योजना से बना है।

लाभुकों का कहना है कि पक्के घर मिलने से न सिर्फ रहने की सुविधा बढ़ी है। उन्होंने बताया कि आने वाले 5 वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को पक्का आवास दिया जाएगा। नगर पंचायत 5 वर्षों के दौरान जामताड़ा को झोपड़ी मुक्त करना चाहती है। वास्तव में पीएम आवास योजना ने "सबके लिए आवास" के संकल्प को जमीन पर उतार दिया है।

लाभार्थी कौशल्या देवी ने आईएएनएस को बताया कि पहले खपडै़ल का घर था, जिसकी वजह से रहने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। योजना का लाभ मिलने के बाद जीवन आसान हो गया है। 200 यूनिट तक बिजली फ्री मिल रही है। सरकार की योजना के तहत बुजुर्ग सास को पेंशन मिल रहा है।

वही, नगर पंचायत क्षेत्र के ही राघवन गांव में बावरी समाज (अनुसूचित जाति) के लोगों को मिले प्रधानमंत्री आवास योजना से उनकी बेहतर जिंदगी का सपना साकार हो सका है। प्रधानमंत्री आवास के साथ-साथ लोगों को मुफ्त बिजली, उज्जवला गैस योजना और पेंशन का भी लाभ मिल रहा है। कोकील बावरी जो पेशे से एक चापाकल मिस्त्री है उनका कहना है कि आवास बन जाने के बाद अब वह पहले से बेहतर और आराम से जीवन गुजर-बसर कर रहे हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम