हैदराबाद, 3 सितंबर (आईएएनएस)। एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को सवाल उठाया कि अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि लोग नाराज हैं, क्योंकि उनकी आस्था का मजाक उड़ाया गया है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के तौर पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) की नियुक्ति पर ओवैसी ने पूछा, "इससे पहले जो नियुक्तियां हुई थीं, वे किसने की थीं? सरकार ने ही की थीं, है ना? आप इसे संसद में लाए और ट्रस्ट में नियुक्तियां कीं। उसके बाद भी करोड़ों रुपए की चोरी हुई। आज लोग नाराज हैं क्योंकि उनकी आस्था का मजाक उड़ाया गया है। आप जिसे चाहें नियुक्त कर सकते हैं; आप सरकार हैं।"
हालांकि, सांसद ने कहा कि लोग जानना चाहते हैं कि चोरी किसने की। उन्होंने कहा, "एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आपके पास रिपोर्ट भी है। तो उस रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? आपने जनता की आस्था का मजाक उड़ाया और आस्था के नाम पर वोट और सत्ता हासिल की, जबकि इन लोगों ने वहां सब कुछ लूट लिया।"
तेलंगाना में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर ओवैसी ने कहा कि मैपिंग में गड़बड़ियों, जैसे कि छह से ज्यादा बच्चों की मैपिंग वाले मामलों को लेकर वोटरों को एसआईआर नोटिस भेजे जा रहे हैं।
उन्होंने नोटिस पाने वालों से अपील की कि वे आधार और दूसरे दस्तावेजों के साथ सुनवाई में शामिल हों। सांसद ने उन शिकायतों का भी जिक्र किया जिनमें वोटरों को जिंदा होने और अपने रजिस्टर्ड पते पर मौजूद होने के बावजूद 'मृत' या 'शिफ्टेड' (कहीं और चले गए) के तौर पर गलत तरीके से मार्क किया गया है।
उन्होंने कहा, "उन वोटरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं जिनके नाम गड़बड़ियों की लिस्ट में आए हैं और जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हुई है। हम जनता से अपील कर रहे हैं कि जिन लोगों, महिलाओं और युवा पुरुषों व महिलाओं को नोटिस मिल रहे हैं, वे तुरंत सुनवाई के लिए आएं और अपने आधार कार्ड और दूसरे जरूरी दस्तावेज साथ लाएं।"
--आईएएनएस
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