बेंगलुरु, 29 अगस्त (आईएएनएस)। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री तथा सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने शनिवार को नेशनल टेस्ट हाउस (एनटीएच) के 115वें स्थापना दिवस समारोह में कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत के स्वदेशी हथियारों और मिसाइलों की ताकत दिखाई और यह साबित किया कि रक्षा क्षमताओं के मामले में देश अब किसी भी अन्य देश से पीछे नहीं है।
एनटीएच के 115वें स्थापना दिवस समारोह और बेंगलुरु में इसकी नई बिल्डिंग के उद्घाटन के मौके पर वर्मा ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने देश की आत्मनिर्भरता की कोशिशों के तहत बने प्रोडक्ट्स की तकनीकी क्षमताओं को साबित किया है।
उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने हमारे स्वदेशी हथियारों और ताकतवर मिसाइलों की क्षमता देखी। आज भारत किसी से पीछे नहीं है।"
वर्मा ने कहा, "115वां स्थापना दिवस एनटीएच की 114 साल की समर्पित सेवा पूरी होने का प्रतीक है। यह सिर्फ एक संस्थागत उपलब्धि नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक टेस्टिंग, क्वालिटी, प्रोडक्ट की सुरक्षा और भरोसेमंदता के क्षेत्र में भारत की गौरवशाली यात्रा का जश्न है।"
मंत्री ने कहा कि एटीएच का सफर 1912 में कोलकाता के अलीपुर में 'गवर्नमेंट टेस्ट हाउस' के तौर पर शुरू हुआ था और यह संस्थान भारत के राष्ट्रीय गुणवत्ता बुनियादी ढांचे का एक अहम स्तंभ बन गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।
वर्मा ने कहा, "गुणवत्ता इन सभी लक्ष्यों की नींव है। किसी उत्पाद की गुणवत्ता ही उसकी विश्वसनीयता तय करती है और वही विश्वसनीयता उत्पाद को एक ब्रांड के तौर पर पहचान दिलाती है। प्रधानमंत्री के "सुधार, प्रदर्शन और बदलाव" के विजन के अनुरूप एनटीएच को आधुनिक बनाया जा रहा है।
मंत्री ने एनटीएच के ड्रोन टेस्टिंग और सर्टिफ़िकेशन जैसे नए क्षेत्रों में कदम रखने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि डिफेंस, खेती, सर्वे, आपदा प्रबंधन और दूसरे सिविलियन सेक्टर में ड्रोन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए भरोसेमंद टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन से एक सुरक्षित और मजबूत ड्रोन इकोसिस्टम बनाने में मदद मिलेगी।
वर्मा ने इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) बैटरी टेस्टिंग सुविधाओं का भी जिक्र किया और कहा कि ईवी बैटरी और उससे जुड़े सिस्टम की भरोसेमंद टेस्टिंग से इंडस्ट्रियल सुरक्षा, क्षमता और भारत की ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केमिकल सुरक्षा, इंडस्ट्रियल मटीरियल टेस्टिंग, पर्यावरण की निगरानी और पब्लिक हेल्थ के लिए केमिकल टेस्टिंग क्षमताओं का विस्तार भी उतना ही जरूरी है।
बेंगलुरु में नई सुविधा के बारे में वर्मा ने कहा कि इसकी लोकेशन बहुत अहम है, क्योंकि बेंगलुरु टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च, इंजीनियरिंग और एडवांस्ड इंडस्ट्रीज का एक बड़ा केंद्र है।
उन्होंने कहा, "बेंगलुरु में एनटीएच की मौजूदगी से इंडस्ट्रीज, स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और इनोवेटर्स को बेहतर टेस्टिंग और टेक्निकल सर्विस मिलेंगी।"
वर्मा ने आगे कहा कि यह नई बिल्डिंग सिर्फ एक फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, बल्कि भविष्य की टेस्टिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत की आधुनिक वैज्ञानिक क्षमताओं और क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है।
--आईएएनएस
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