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ओडिशा सरकार ने बाढ़ राहत के काम तेज किए, 8 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

ओडिशा सरकार ने बाढ़ राहत के काम तेज किए, 8 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

भुवनेश्वर, 3 अगस्त (आईएएनएस)। ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत, पुनर्वास और नुकसान के आकलन के काम तेज कर दिए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी नियमों के मुताबिक पात्र लोगों को मुआवजा दिया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि बाढ़ की स्थिति से 22 जिले, 85 ब्लॉक और 656 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं, जिनमें लगभग 1,458 गांव और 15 शहरी निकाय शामिल हैं। इन जिलों में बाढ़ की वजह से कुल 8,63,909 लोग प्रभावित हुए हैं।

मंत्री के अनुसार, अब तक 2,67,301 लोगों को सुरक्षित जगहों या राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राहत शिविरों में रह रहे लोगों की अच्छी तरह देखभाल करें और हालात सुरक्षित होने तक उन्हें खतरे वाले इलाकों में वापस न जाने दें।

प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं। 529 राहत शिविर और 31 पशु राहत शिविर काम कर रहे हैं। दूध, बिस्कुट, ब्रेड और दूसरी जरूरी चीजें - खासकर बुज़ुर्गों के लिए - राहत सामग्री के तौर पर पहुंचाई जा रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कृषि विभाग के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर जांच करके फसल के नुकसान का आकलन कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है, उन्हें सही मुआवजा मिले। अंतिम मुआवजा देने से पहले जिले और जमीनी स्तर पर विस्तृत आकलन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घर, पशु, फसल और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें सरकारी नियमों के अनुसार ही मुआवजा दिया जाएगा। मौजूदा नियमों के तहत, पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घर के लिए 1.20 लाख रुपए और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के घर के लिए 6,500 रुपए दिए जाएंगे। सरकार क्षतिग्रस्त झोपड़ी के लिए 8,000 रुपए और क्षतिग्रस्त गौशाला के लिए 3,000 रुपए देगी।

नियमों के अनुसार, नुकसान की अन्य श्रेणियों के लिए भी मुआवजा दिया जाएगा, जिसमें पशुओं का नुकसान और घरेलू संपत्ति को हुआ नुकसान शामिल है। मंत्री ने कहा कि फसल के नुकसान के लिए भी मुआवजा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कृषि विभाग से विस्तृत आकलन करने और फसल के नुकसान की जरूरी सूची तैयार करने के लिए कहा गया है ताकि पात्र किसानों को मुआवजा मिल सके।

शुरुआती आकलन के अनुसार, धान समेत कई हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। अन्य फसलें भी प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों को जल्द मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित विभागों को काम पर लगा दिया गया है। सभी जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद एक विस्तृत आकलन रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

पुजारी ने यह भी बताया कि शुरुआती आकलन के तहत 110 करोड़ रुपए की राशि सोमवार को ही अस्थायी मुआवजे के तौर पर अलग-अलग जिलों को जारी कर दी जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार तय नियमों के अनुसार हर पात्र व्यक्ति को मुआवजा देगी और यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी असली लाभार्थी मदद से वंचित न रहे।

--आईएएनएस

एमएस/