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'26 अगस्त को कहा था भाग जाओ, अभी तक संपर्क नहीं', नेपाल में बाढ़ पीड़ित की आपबीती

26 अगस्त को कहा था भाग जाओ, अभी तक संपर्क नहीं

त्रिशूली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद त्रिशूली में हालात बेहद खराब हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी मदद देने में लगी हुई हैं।

बाढ़ से प्रभावित दिनेश ने आईएएनएस से अपनी दर्द भरी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा, "हम 17 साल से त्रिशूली में रह रहे हैं। हमारा कबाड़ का बिजनेस है और हमारा एक गोदाम था, जो ढह गया है। हमारे दो भाई भी लापता हैं और अभी तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। 26 अगस्त को हमने उन्हें फोन करके कहा था कि भाग जाओ, क्योंकि हम चीन बॉर्डर के पास थे, जहां से पानी आया था। अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है।"

एक बाढ़ प्रभावित महिला ने बताया कि कैसे उन्हें अचानक भागना पड़ा। महिला ने कहा, "हमें बिदुर की तरफ जाने की सूचना मिली थी। हमें बताया गया था कि पानी बढ़ गया है। यहां पानी काफी ऊपर तक आ गया था। पुलिस ने हमें यहां से जाने से मना कर दिया और वापस भेज दिया। हमारा पूरा परिवार इसी घर में रहता और सोता था। हम किसी तरह ऊंची जगह पर पहुंचने में कामयाब रहे, लेकिन जब पानी आया तो हम अपना सामान भी बाहर नहीं निकाल सके।"

वहीं, मौके पर मौजूद नेपाल पुलिस के एएसआई राहुल सुनार ने बचाव अभियान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, "यहां पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। हम नुवाकोट में ड्यूटी पर हैं। हमें अभी तक कोई जीवित व्यक्ति नहीं मिला है, न ही कोई शव मिला है। हमारा मुख्य फोकस सड़क को साफ करना है। हम लोगों को उनके घरों से भी बचा रहे हैं। हमें नहीं पता कि बचाव अभियान कब तक चलेगा। रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है, यह कब तक पूरा होगा, इसे हम बता नहीं सकते।"

त्रिशूली में लगातार हो रहे बचाव कार्य के बीच कई परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश में हैं। जिनका सब कुछ बाढ़ में बह गया है, वे ऊंची जगहों पर शरण लिए हुए हैं। पुलिस और रेस्क्यू टीमें घर-घर जाकर लोगों को निकाल रही हैं और सड़कों पर जमा मलबा हटाने का काम कर रही हैं ताकि मदद पहुंचाई जा सके।

--आईएएनएस

वीकेयू/डीएससी