कानपुर देहात, 30 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद सभा स्थल के कथित शुद्धीकरण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इस पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने पलटवार किया है।
आईएएनएस से बातचीत के दौरान साध्वी निरंजन ज्योति ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "मैं एनसीबीसी की अध्यक्ष के तौर पर राहुल गांधी से कहना चाहती हूं कि आजादी के बाद 65 वर्षों तक सत्ता आपके परिवार के पास रही। अगर आपको लगता था कि ऐसा भेदभाव था, तो आपकी दादी, पिता और दादा को इसे बहुत पहले ही खत्म कर देना चाहिए था। वर्तमान में, मुझे नहीं लगता कि ऐसा कोई भेदभाव है।"
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विजन के अनुसार काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने हमेशा दलितों और पिछड़ों को सम्मान दिया है। राहुल गांधी सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।
वहीं, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के देश में इस्लामिक कानून लागू करने के बयान पर भी साध्वी निरंजन ज्योति ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जिस तरह से हमलावर भारत आए, हमारी महिलाओं को जौहर का सहारा लेना पड़ा। अगर उनका संविधान वास्तव में इतना अच्छा होता, तो हमारे देश की महिलाओं को जौहर का सहारा नहीं लेना पड़ता।"
उन्होंने आगे कहा कि भारत में रहते हुए, जहां हमें डॉ. बीआर अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान मिला है, ऐसे बयान देना बाबासाहेब और उनके संविधान का खुला अपमान है।
साध्वी ज्योति ने कहा, "मैं चाहूंगी कि ऐसे बयान न दिए जाएं और उम्मीद करती हूं कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और अन्य लोग जो ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करते, वे इस पर प्रतिक्रिया दें।"
--आईएएनएस
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