नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। रविवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) ने देश भर में सीवर और सेप्टिक टैंक में मौत के 1,377 मामलों में से 1,223 परिवारों को मुआवजा देने की मंजूरी दी है।
आयोग को हर साल 1,200 से ज्यादा शिकायतें मिलती हैं और वह उचित कार्रवाई और समाधान के लिए संबंधित सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों और अन्य संस्थानों के साथ इन मामलों पर काम करता है।
एनसीएसके ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में अपना 33वां स्थापना दिवस मनाया। दिन भर चले इस कार्यक्रम में 900 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ केंद्र, राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों, नागरिक समाज संगठनों और सफाई कर्मचारियों के कल्याण, सम्मान और सुरक्षा के लिए काम करने वाले अन्य हितधारकों के बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
सभा को संबोधित करते हुए कानून और न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि स्थापना दिवस केवल किसी संस्थान की यात्रा का जश्न नहीं था। यह उन लाखों सफाई कर्मचारियों के योगदान का सम्मान करने का भी अवसर था जो हर दिन देश के शहरों, गांवों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों को साफ और सुरक्षित रखते हैं।
उन्होंने खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई करने की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने और सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मशीनों के ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों को प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और सामाजिक सुरक्षा सहायता मिलनी चाहिए, साथ ही हर दुर्घटना या मौत के मामले में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रभावित परिवारों को समयबद्ध तरीके से सहायता, मुआवजा और पुनर्वास मिलना चाहिए।
मेघवाल ने कहा कि भारत जैसे-जैसे एक विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर हो रहा है, वैसे ही उसकी स्वच्छता प्रणाली भी आधुनिक, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी-आधारित और मानवीय गरिमा के अनुरूप होनी चाहिए, और किसी भी मानव जीवन को ऐसे काम के लिए जोखिम में नहीं डाला जाना चाहिए जिसे मशीन सुरक्षित रूप से कर सकती है।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। खतरनाक मैनुअल प्रवेश को शून्य करना। सीधी और सेप्टिक टैंक में होने वाली उदासीनता को शून्य करना, पूर्ण मशीनीकरण और प्रत्येक सफाई कर्मचारियों के लिए गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन।
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