नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नार्को-टेरर फंडिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब और जम्मू-कश्मीर (एलओसी के पास) स्थित 9 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई। मामला जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज मामलों से जुड़ा है, जिसकी जांच ईडी कर रही है।
ईडी की जांच में एक संगठित और बहुस्तरीय नार्को-टेरर फंडिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सक्रिय था। जांच के मुताबिक, इस नेटवर्क का संचालन पंजाब के सतनाम सिंह और मनजीत सिंह उर्फ मान जैसे हैंडलर कर रहे थे। वहीं, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एलओसी के पास रहने वाले सफीर अहमद और कफील अहमद भी इस नेटवर्क का हिस्सा थे।
ईडी के अनुसार, पाकिस्तान से हेरोइन की खेप पाकिस्तान में मौजूद ऐसे हैंडलरों के जरिए भारत भेजी जाती थी, जिनका संबंध आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से बताया गया है। ये हैंडलर कश्मीर में मौजूद आरोपियों के संपर्क में रहते थे और अमरोही सीमा/एलओसी से सटे इलाकों के रास्ते हेरोइन की तस्करी कर भारत में भेजते थे।
जांच में सामने आया कि एक मामले में 35 पैकेट हेरोइन भारत लाई गई थी। इनमें से 5 पैकेट स्थानीय स्तर पर रखे या बांटे गए, जबकि 30 पैकेट ट्रक के टायर में छिपाकर श्रीनगर भेजे गए। बाद में यह खेप पंजाब के कैरियर सरबजीत सिंह और हनी बसरा को सौंपी गई। सितंबर 2023 में बनिहाल में दोनों को रोककर तलाशी ली गई, जहां से करीब 31 किलोग्राम वजन वाले 30 पैकेट हेरोइन बरामद किए गए।
ईडी ने यह भी पाया कि पंजाब का नेटवर्क फर्जी दस्तावेज, नकली वाहन कागजात, वाहनों में बनाई गई गुप्त जगहों, कई वाहनों और नकद लेनदेन का इस्तेमाल कर हेरोइन की ढुलाई और वितरण करता था।
जांच में ऐसे कई अन्य मामलों का भी खुलासा हुआ, जिनमें श्रीनगर और जम्मू-कश्मीर से पंजाब तक 60 किलोग्राम से अधिक हेरोइन इसी संगठित नेटवर्क के जरिए पहुंचाई गई। इसके लिए अलग-अलग कैरियर और ट्रांसपोर्टरों की मदद ली जाती थी। ईडी के अनुसार, हेरोइन की बिक्री से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को वित्तीय सहायता देने में किया जाता था।
जांच के दौरान ईडी को मनजीत सिंह उर्फ मान और सरबजीत सिंह के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा होने के सबूत भी मिले हैं।
छापेमारी के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। इसके अलावा, करीब 49.9 लाख रुपए की राशि वाले कई बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।