मुंबई, 20 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने नंदीग्राम उपचुनाव के उम्मीदवार मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत और दिल्ली में एसआईआर के दौरान 31 लाख वोटर्स को नोटिस जारी होने पर भाजपा पर निशाना साधा।
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की न्यायिक हिरासत पर संजय राउत ने कहा, "भाजपा क्या कहती है, इससे क्या फर्क पड़ता है? जिस तरह से नंदीग्राम से कांग्रेस के उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया है, यह कैसा न्याय है? आप डर गए, है ना? आप नंदीग्राम में डरे हुए हैं। इसीलिए आपने हमारे उम्मीदवार को 6-10 साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया।"
बता दें कि 19 सितंबर को नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के एक दिन बाद पुलिस ने शनिवार को रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार शफीउल इस्लाम को भी एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया था।
वहीं, दिल्ली में एसआईआर के दौरान 31 लाख वोटर्स को नोटिस जारी होने (जिसमें आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार का नाम भी शामिल है) पर भी संजय राउत ने केंद्र सरकार को घेरा।
उन्होंने कहा, "जहां बड़ी पार्टियों के चुनाव चिह्न चोरी हो जाते हैं और पूरी की पूरी पार्टियां चोरी हो जाती हैं, वहां अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से गायब हो जाए तो किसी को हैरान नहीं होना चाहिए। यह तो होना ही है। केजरीवाल जी का नाम गायब है। महाराष्ट्र और पूरे देश में हजारों, लाखों और करोड़ों लोगों के नाम गायब हो जाते हैं। यह सरकार कुछ भी कर सकती है। वे दिखाना चाहते हैं कि केवल वही वोट करेंगे जिन्हें वे चाहते हैं, और जिन्हें वे नहीं चाहते, वे वोट नहीं करेंगे। यह सरकार की नीति है।"
संजय राउत ने आरोप लगाया कि सरकार वोटर लिस्ट से नाम हटाकर चुनिंदा लोगों को ही वोट देने देना चाहती है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव चिह्न और पार्टियां ही चोरी हो सकती हैं तो वोटर लिस्ट से नाम गायब होना कोई नई बात नहीं है।
--आईएएनएस
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