कोहिमा, 21 जुलाई (आईएएनएस)। नागालैंड में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। मोकोकचुंग जिले की नागालैंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एनपीसीसी), जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी), यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।
पार्टी अध्यक्ष को भेजे गए इस्तीफे में नेताओं ने एनपीसीसी नेतृत्व पर कुप्रबंधन, तानाशाही शैली में काम करने और पार्टी के भीतर बढ़ते गुटबाजी के माहौल का आरोप लगाया है।
ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष को संबोधित पत्र में नेताओं ने कहा कि उन्होंने भारी मन और गहरी पीड़ा के साथ यह फैसला लिया है। उनका कहना है कि एनपीसीसी नेतृत्व के लगातार कुप्रबंधन और एकतरफा कार्यशैली के कारण पार्टी में अराजकता, भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा हो गई है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि पिछले कुछ महीनों में नेतृत्व के फैसलों ने जिला स्तर पर पार्टी संगठन को कमजोर कर दिया है। नेताओं का कहना है कि संगठन को मजबूत करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के बजाय समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की गई, जिससे अविश्वास और गुटबाजी का माहौल बना।
इस्तीफा देने वाले नेताओं ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में उनके लिए सम्मानपूर्वक जनता की सेवा करना संभव नहीं रह गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2015 में जब कांग्रेस नागालैंड में लगभग समाप्त होने की स्थिति में थी, तब भी वे पार्टी के सिद्धांतों और विचारधारा के प्रति पूरी निष्ठा के साथ जुड़े रहे, लेकिन अब वे अपने जिले और पूरे राज्य में पार्टी संगठन को कमजोर होते हुए चुपचाप नहीं देख सकते।
इसी कारण उन्होंने पार्टी के सभी पदों और जिम्मेदारियों के साथ-साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने का फैसला किया है।
सामूहिक इस्तीफा देने वालों में मोकोकचुंग जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष वातिमोंगबा आइर, एनपीसीसी के सचिव (पूर्व डीसीसी उपाध्यक्ष) लानुसानेन इमसोंग, एनपीसीसी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष एवं पूर्व महासचिव प्रकाश एले सहित कई अन्य पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हैं।