मोन, 21 जुलाई (आईएएनएस)। नागालैंड के मोन जिले के डिप्टी कमिश्नर और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के चेयरमैन ने जानकारी दी है कि 19 और 20 जुलाई को लगातार बारिश के कारण हुए भयानक भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के बाद, नागालैंड सरकार ने मोन जिले के प्रभावित परिवारों के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत 70 लाख रुपए जारी किए हैं। यह राशि मृतकों के परिजनों को अनुग्रह राशि, घायलों को राहत और भूस्खलन व बाढ़ से क्षतिग्रस्त घरों के लिए तत्काल राहत सहायता के तौर पर दी जाएगी।
नागालैंड के मुख्यमंत्री ने 20 जुलाई को मोन जिले में आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और नागरिक समाज, जिला अस्पताल और स्थानीय स्वयंसेवकों को 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। ये लोग जिले में कई जगहों पर हुए भूस्खलन के बाद खोज और बचाव अभियान में सरकार की मदद कर रहे हैं।
इस भीषण मौसम की घटना में नौ (9) लोगों की जान चली गई, कई लोग घायल हो गए और जिले भर में रिहायशी घरों, सड़कों, पुलों और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।
लोगों की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन इस मुश्किल समय में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।
जिला प्रशासन, जिला पुलिस, एसडीआरएफ, 42 असम राइफल्स, टेरिटोरियल आर्मी, संबंधित विभागों, ग्राम और वार्ड परिषदों, कोन्याक यूनियन और स्थानीय समुदाय के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान, नुकसान का आकलन, राहत सामग्री का वितरण और जरूरी सेवाओं को बहाल करने का काम जारी रखे हुए है।
डिप्टी कमिश्नर ने आपात स्थिति के दौरान सभी विभागों, सुरक्षा बलों, स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदायों की त्वरित कार्रवाई और अटूट सहयोग के लिए उनकी अथक कोशिशों की सराहना की।
मानसून के जारी रहने को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने; भूस्खलन की आशंका वाले ढलानों, उफान पर बहने वाली नदियों और खतरनाक सड़कों से दूर रहने; और जिला प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाह और निर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है। जिला प्रशासन सभी प्रभावित समुदायों को समय पर राहत, पुनर्वास और बहाली सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगा।