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नागालैंड विधानसभा में संशोधित एफएनटीए बिल 2026 पेश, 62 सदस्यीय अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव

नागालैंड

कोहिमा, 2 सितंबर (आईएएनएस)। नागालैंड सरकार ने मंगलवार को संशोधित फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (एफएनटीए) बिल, 2026 पेश किया। इसमें पूर्वी नागालैंड के छह जिलों में 46 विषयों पर विधायी, कार्यकारी, प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों वाली 62 सदस्यों की क्षेत्रीय अथॉरिटी बनाने का प्रस्ताव है।

उप मुख्यमंत्री वाई. पैटन ने 14वीं नागालैंड विधानसभा के चल रहे नौवें सत्र के दौरान यह बिल पेश किया। बजट सत्र के दौरान 26 मार्च को विधानसभा से पारित पिछले एफएनटीए बिल को स्पीकर शेरिंगेन लोंगकुमर द्वारा सदन के सामने प्रस्ताव रखे जाने के बाद ध्वनि मत से वापस ले लिया गया था। संशोधित बिल पर विचार और उसे पारित करने का काम 3 सितंबर को होगा। स्पीकर ने सदस्यों से कहा कि यदि कोई संशोधन या स्पष्टीकरण हो, तो वे बुधवार दोपहर 2 बजे तक उसे जमा कर दें।

प्रस्तावित एफएनटीए में तुएनसांग, मोन, लोंगलेंग, किफायर, नोकलाक और शमाटोर जिले शामिल होंगे। यह केंद्र, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपल्स ऑर्गनाइज़ेशन (ईएनपीओ) के बीच 5 फरवरी, 2026 को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओए) पर आधारित है।

बिल में एकल-सदस्यीय क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे चुने गए 40 सदस्यों का प्रस्ताव है, जिसमें एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। दो सदस्यों को राज्यपाल द्वारा उन मान्यता प्राप्त जनजातियों से नामित किया जाएगा जिनका प्रतिनिधित्व नहीं है या कम है, जबकि फ्रंटियर नागालैंड क्षेत्र के निर्वाचन क्षेत्रों से नागालैंड के 20 विधायक बिना वोटिंग अधिकार के पदेन सदस्य होंगे।

एफएनटीए का कार्यकाल पांच साल का होगा और इसमें नौ सदस्यों तक की एक कार्यकारी परिषद होगी, जिसके प्रमुख चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर (सीईएम) होंगे, साथ ही एक डिप्टी सीईएम और अन्य सदस्य भी होंगे। चुनी हुई अथॉरिटी के गठन से पहले, सरकार 13 सदस्यों तक की एक अंतरिम परिषद स्थापित कर सकती है, जिसकी सिफारिश ईएनपीओ द्वारा जनजातीय परिषदों के परामर्श से की जाएगी। क्षेत्र के चार चुने हुए प्रतिनिधियों को सलाहकार के रूप में भी नामित किया जा सकता है।

पहली अनुसूची में उन 46 विषयों की सूची दी गई है जिन्हें एफएनटीए को सौंपा जाएगा। इनमें कृषि, आदिवासी कला और संस्कृति, सिंचाई, मत्स्य पालन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक स्वास्थ्य सेवाएं, उच्च माध्यमिक स्तर तक स्कूली शिक्षा, बागवानी, श्रम और रोज़गार, भूमि रिकॉर्ड और राजस्व, नवीकरणीय ऊर्जा, सार्वजनिक परिवहन, ज़िले की सड़कें, ग्रामीण विकास, सामाजिक कल्याण, पर्यटन, विलेज गार्ड, पशुपालन, जल संसाधन, खेल, हथकरघा और हस्तशिल्प, व्यापार और वाणिज्य, आवास, आदिवासी मामले, सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग, गाँव की पारंपरिक अदालतें, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, बाज़ार और मेले, डूडा, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं तथा बांस का विकास शामिल है।

हालांकि, इस बिल के तहत कई क्षेत्र राज्य सरकार के पास ही रहेंगे। भू-विज्ञान और खनन पूरी तरह से राज्य के अधिकार क्षेत्र में रहेंगे, और राज्य-स्तर की संभावना वाले पर्यटन प्रोजेक्ट भी उसी के अधीन रहेंगे। स्वास्थ्य से जुड़े अधिकार शुरू में केवल पीएचसी स्तर तक ही होंगे। इस व्यवस्था के असर का आकलन करने के बाद ही उच्च-स्तरीय संस्थानों के बारे में विचार किया जाएगा।

एफएनटीए को सौंपे गए विषयों पर कानून बनाने का अधिकार होगा, लेकिन ऐसे कानूनों को लागू होने से पहले राज्यपाल की मंज़ूरी लेनी होगी। नागालैंड के मौजूदा कानून लागू रहेंगे, और अगर एफएनटीए के कानूनों और राज्य के कानूनों में कोई टकराव होता है, तो राज्य के कानून ही मान्य होंगे। एफएनटीए के मुख्य कार्यकारी सचिव (सीईएस) के पद पर एक आईएएस अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा, जो अधिमानतः अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) रैंक का हो और प्रधान सचिव रैंक से नीचे का न हो। सीईएस के अधीन एक समर्पित सचिवालय काम करेगा।

एफएनटीए में तैनात अधिकारी अपने-अपने राज्य कैडर के सदस्य बने रहेंगे और राज्य सेवा नियमों, अनुशासनात्मक नियंत्रण और स्थानांतरण नीतियों के अधीन होंगे। वित्तीय रूप से एफएनटीए को प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों के लिए सालाना आवंटन मिलेगा। पूर्वी नागालैंड के लिए विकास का खर्च, सामान्य खर्चों को घटाने के बाद, जनसंख्या और क्षेत्र के अनुपात में बाँटा जाएगा।

राज्य के बजट में एफएनटीए के लिए एक अलग मुख्य उप-शीर्ष होगा और विकास कार्यों के लिए मिले फंड का सीएजी ऑडिट होगा। ऑडिट रिपोर्ट और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट राज्य विधानसभा के समक्ष रखी जाएंगी।पुलिस प्रशासन में राज्य सरकार की अहम भूमिका बनी रहेगी। आईजीपी रेंज-स्तर का एक आईपीएस अधिकारी एफएनटीए मुख्यालय से पूरे एफएनटी में पुलिस प्रशासन की देखरेख करेगा, साथ ही सीमा प्रशासन को मज़बूत करने और विलेज गार्ड को आधुनिक बनाने के उपाय भी प्रस्तावित किए गए हैं। बिल में कहा गया है कि अनुच्छेद 371(ए), बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, 1873 और पंचायती राज से छूट बिना किसी बदलाव या कटौती के लागू रहेंगे।

केंद्र सरकार इस इलाके के लिए स्पेशल डेवलपमेंट ग्रांट दे सकती है, जिसके तहत एफएनटीए राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रोजेक्ट्स की पहचान करेगा। प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स में नागालैंड यूनिवर्सिटी का एक और कैंपस, मोन मेडिकल कॉलेज को रीजनल इंस्टिट्यूट में अपग्रेड करना, एजुकेशनल और टेक्निकल इंस्टिट्यूट, चार-लेन वाली अंतर-ज़िला सड़कें, ईस्टर्न फ्रंटियर रेलवे, एक एयरपोर्ट/एयरस्ट्रिप, ट्रांस-ईस्टर्न फ्रंटियर हाईवे और इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर शामिल हैं।

गृह मंत्रालय, नागालैंड सरकार, एफएनटीए और ईएनपीओ के प्रतिनिधियों वाली एक जॉइंट मॉनिटरिंग कमिटी समय-समय पर 5 फरवरी के एमओए के लागू होने की समीक्षा करेगी। यह बिल गवर्नर को राज्य सरकार की सिफारिश पर कुछ खास हालात में एफएनटीए को सस्पेंड या भंग करने का अधिकार भी देता है, और ज़्यादा से ज़्यादा छह महीने के लिए एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया जा सकता है। एफएनटीए के ढांचे की 10 साल बाद समीक्षा की जाएगी ताकि फ्रंटियर नागालैंड टेरिटरी के लोगों की उम्मीदों को पूरा करने में इसकी प्रभावशीलता का आकलन किया जा सके।

--आईएएनएस

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