कोहिमा, 1 सितंबर (आईएएनएस)। नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव ने मंगलवार को भरोसा जताया कि लगातार संस्थागत सहयोग, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, खेती के वैज्ञानिक तरीकों और बाजार से प्रभावी जुड़ाव के साथ, राज्य में देश में प्रीमियम कॉफी के एक अहम उत्पादक के तौर पर उभरने की क्षमता है।
लोक भवन के एक अधिकारी ने बताया कि एक समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि 'कॉफी बोर्ड ऑफ इंडिया' और राज्य के 'लैंड रिसोर्सेज डिपार्टमेंट' के सहयोग से नागालैंड में कॉफी की खेती में पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि अभी राज्य के कई जिलों में कॉफी की खेती हो रही है, जिसमें अरेबिका और रोबस्टा दोनों तरह की कॉफी उगाई जा रही हैं।
राज्यपाल ने मंगलवार को लोक भवन में कॉफी बोर्ड और लैंड रिसोर्सेज डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की, ताकि नागालैंड में कॉफी की खेती की प्रगति, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं का जायजा लिया जा सके।
बैठक के दौरान कॉफी बोर्ड ने पूर्वोत्तर क्षेत्र और नागालैंड में कॉफी की खेती की स्थिति पर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।
अधिकारी के अनुसार, बैठक में किसानों के लिए कॉफी की खेती को एक टिकाऊ आजीविका के अवसर के रूप में मजबूत करने की जरूरत पर चर्चा की गई, साथ ही स्पेशलिटी और प्रीमियम कॉफी उत्पादन में नागालैंड की अपार संभावनाओं का भी पता लगाया गया।
राज्यपाल ने कॉफी की खेती के विस्तार, उत्पादकता में सुधार, गुणवत्ता बढ़ाने, मशीनीकरण, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए की गई पहलों की समीक्षा की।
अधिकारी ने बताया कि कॉफी बोर्ड ने वित्तीय सहायता, सुखाने के यार्ड (ड्राइंग यार्ड), मशीनीकरण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए किसानों को मदद भी दी है।
बैठक में इस क्षेत्र के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा की गई, जिनमें मुश्किल परिवहन, खराब सड़क संपर्क, सीमित प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, जलवायु से जुड़ी चिंताएं, जमीन के छोटे टुकड़े, कुशल श्रमिकों की कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीमित पहुंच शामिल हैं।
साथ ही, बैठक में शामिल लोगों ने स्पेशलिटी कॉफी उत्पादन, ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन, कॉफी टूरिज्म, वैल्यू एडिशन, स्थानीय रोस्टिंग उद्यमों, कैफे कल्चर, ई-कॉमर्स और युवा उद्यमिता के क्षेत्र में नागालैंड के लिए बड़े अवसरों को भी रेखांकित किया।
राज्यपाल यादव ने खेती और बेहतर कृषि पद्धतियों से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक, पूरी कॉफी वैल्यू चेन को मजबूत करने के लिए एक केंद्रित और समन्वित दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने, साथ ही स्थानीय उद्यमियों और युवाओं के लिए ज्यादा अवसर पैदा करने की जरूरत पर बल दिया।
बैठक में नागालैंड में बढ़ते कॉफी कल्चर पर भी ध्यान दिया गया, जहां कॉफी रोस्टर्स, कैफे और उद्यमियों की बढ़ती संख्या एक जीवंत स्थानीय कॉफी इकोसिस्टम के उभरने में योगदान दे रही है। घरेलू मांग में बढ़ोतरी और प्रीमियम व स्पेशलिटी कॉफी की संभावनाएं राज्य के किसानों और उद्यमियों के लिए अच्छे अवसर प्रदान करती हैं।
--आईएएनएस
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