नोएडा के टेक इंजीनियर की मौत के छह महीने बाद पिता ने कहा-न्याय की उम्मीद छोड़ दी

नोएडा के टेक इंजीनियर की मौत के छह महीने बाद पिता ने कहा-न्याय की उम्मीद छोड़ दी

नोएडा, 13 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर 150 में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के लगभग छह महीने बाद उनके पिता राजकुमार मेहता ने कहा है कि उन्हें अब इस मामले में न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है।

जांच के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा कि वह अकेले कानूनी कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं हैं और इसलिए अदालत नहीं जाएंगे।

युवराज मेहता की मौत 17 जनवरी को हो गई थी, जब घने कोहरे के दौरान नोएडा के सेक्टर 150 में उनकी एसयूवी बिना सुरक्षा घेरे वाली पानी से भरी निर्माण कार्य वाली खाई में गिर गई थी।

हालांकि वह अपनी गाड़ी की छत पर चढ़ने और मदद के लिए बुलाने में कामयाब रहे, लेकिन इमरजेंसी रिस्पॉन्स में देरी के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका और आखिरकार वह डूब गए।

राजकुमार मेहता ने कहा कि घटना की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाई गई थी और जांच जल्दी पूरी हो गई थी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट लगभग छह महीने पहले सौंपे जाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि वह अकेले कानूनी लड़ाई लड़ने में असमर्थ हैं और इसी वजह से अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाएंगे। इसके बजाय, उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबदेही तय करने की अपील की ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए मेहता ने कहा कि एसआईटी ने अपनी जांच की और बहुत तेजी से सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपी। हमें बहुत उम्मीद थी कि कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सजा मिलते देख हमें अपने बेटे की जान जाने के मामले में कुछ मानसिक शांति मिलती। भले ही शुरू में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कुछ कार्रवाई की गई थी लेकिन उसे वापस ले लिया गया और उन्हें बहाल कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि जांच के बाद हुई घटनाओं ने उन्हें बहुत निराश किया है। उन्होंने कहा कि कोई स्पष्टता नहीं थी। जनता के बीच ऐसा कोई संदेश नहीं गया कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी गई है। अब लगभग छह महीने हो चुके हैं और मुझे अब कोई उम्मीद नहीं है।

इस त्रासदी का कारण बनी मुख्य खामियों पर प्रकाश डालते हुए मेहता ने तीन खास मुद्दों की ओर इशारा किया, जो उनके अनुसार उनके बेटे की मौत का कारण बने और जिम्मेदार लोगों की गंभीर लापरवाही को दर्शाते हैं। सबसे पहले, जिस किसी ने भी वह गड्ढा खोदा, उसने उसके आसपास सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। दूसरी बात, अधिकारियों ने उस मोड़ पर सुरक्षा या ट्रैफिक से जुड़े कोई उपाय नहीं किए। गड्ढे के बारे में कोई संकेत नहीं था, इसलिए कोई भी अनजान व्यक्ति आसानी से उसमें गिर सकता था। इसके अलावा, जब हमने 112 हेल्पलाइन के जरिए रेस्क्यू टीम को बुलाया, तो उन्होंने कोई खास जल्दबाजी नहीं दिखाई और आधे रास्ते से ही लौट गए। उन्होंने न तो लाइफ जैकेट दी और न ही सहारे के लिए कोई रस्सी और मेरा बेटा डूब गया।

अपने बेटे की मौत से पहले के मुश्किल पलों को याद करते हुए मेहता ने कहा, "यह तब हुआ जब वह डेढ़ घंटे तक संघर्ष करता रहा और मदद के लिए पुकारता रहा। अगर कार्रवाई की गई होती, तो समाज में यह संदेश जाता कि अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों को सज़ा दी जा रही है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिंदगी बस सामान्य रूप से चल रही है।

उन्होंने जांच के नतीजों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि घटना के बाद लोगों की चिंता को दूर करने के लिए एसआईटी तो बनाई गई लेकिन उसकी रिपोर्ट के आधार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने आगे कहा कि एसआईटी की जांच तो हुई, लेकिन असल में कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह बिना किसी कार्रवाई वाली एसआईटी रिपोर्ट थी। यही सच्चाई है। जैसा कि मैंने शुरू में ही कहा था, गड्ढों या ऐसी ही दूसरी खतरनाक चीजों के लिए सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। ऐसी लापरवाही बढ़ती जा रही है, इसलिए ऐसी घटनाएं होती रहेंगी, और नतीजा वही होगा जो मेरे मामले में हुआ।

मेहता ने कहा कि मैं कोर्ट नहीं जा सकता, इसलिए इस बारे में कोई कदम नहीं उठाऊंगा। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

राजकुमार मेहता ने फिर से कहा कि उनकी अपील सिर्फ अपने बेटे के मामले में जिम्मेदारी तय करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी ताकि सुरक्षा के बेहतर उपाय लागू किए जा सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं में और लोगों की जान जाने से रोका जा सके।

यह मामला एक और इंजीनियर आर्यन की मौत के बाद सामने आया है, जो हाल ही में नोएडा के सेक्टर 57 में एक नाले में गिरकर मर गया था, जब वह सेक्टर 58 में काम पर जा रहा था।

--आईएएनएस

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