Nadendla Bhaskar Rao : आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भास्कर राव का निधन

पूर्व मुख्यमंत्री नादेंडला भास्कर राव का निधन, राजनीतिक जगत में शोक की लहर
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भास्कर राव का निधन

हैदराबाद: अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नादेंडला भास्कर राव का बुधवार को लंबी बीमारी के बाद हैदराबाद में निधन हो गया। वे 90 वर्ष के थे।

उन्होंने एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उन्हें एक महीने पहले उम्र संबंधी बीमारियों के कारण भर्ती कराया गया था।

भास्कर राव के परिवार में उनके पुत्र नादेंडला मनोहर हैं, जो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के मंत्रिमंडल में नागरिक आपूर्ति मंत्री हैं।

अविभाजित आंध्र प्रदेश में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रहे मनोहर वर्तमान में जन सेना पार्टी के प्रमुख नेता हैं।

एक कुशल राजनीतिज्ञ और प्रशासक भास्कर राव 1978 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर विधानसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 1984 में एक महीने के लिए अविभाजित आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के मूल निवासी भास्कर राव ने उस्मानिया विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की थी। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की और 1978 में विजयवाड़ा पूर्व से विधानसभा के लिए चुने गए।

भास्कर राव ने एनटी रामाराव (एनटीआर) के साथ मिलकर तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की सह-स्थापना की थी। जब लोकप्रिय फिल्म अभिनेता एनटीआर ने 1982 में पार्टी की शुरुआत की थी, तब भास्कर राव टीडीपी में दूसरे सबसे महत्वपूर्ण नेता थे।

1983 में वेमुरु से टीडीपी टिकट पर विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए भास्कर राव एनटीआर के नेतृत्व वाली टीडीपी सरकार में वित्त मंत्री थे। जब एनटीआर सर्जरी के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका गए थे, तब भास्कर राव ने टीडीपी विधायकों के एक वर्ग और कांग्रेस की मदद से विद्रोह का नेतृत्व किया और 16 अगस्त, 1984 को मुख्यमंत्री बन गए।

इस विद्रोह ने राज्य में व्यापक राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी और ठीक एक महीने बाद भास्कर राव को इस्तीफा देना पड़ा। एनटीआर के राष्ट्रव्यापी लोकतंत्र बचाओ आंदोलन ने केंद्र में कांग्रेस सरकार को उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पुनः नियुक्त करने के लिए बाध्य कर दिया था।

भास्कर राव ने टीडीपी छोड़ दी और डेमोक्रेटिक तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की, जो अल्पकालिक साबित हुई। बाद में वे कांग्रेस में लौट आए और 1989 में तेनाली से विधानसभा के लिए पुनः निर्वाचित हुए। 1998 में वे खम्मम से लोकसभा के लिए चुने गए।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नादेंडला भास्कर राव के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने भास्कर राव के पुत्र मनोहर को फोन करके अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री ने मनोहर और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

--आईएएनएस

 

 

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