logo

'बेटी के जाने के बाद 500 करोड़ कमाने की योजना?', दिशा सालियान केस पर नसीम सिद्दीकी ने उठाए सवाल

"दिशा सालियान मामले में 500 करोड़ रुपए का मानहानि केस पर नसीम सिद्दीकी ने उठाए सवाल"
बेटी के जाने के बाद 500 करोड़ कमाने की योजना?

मुंबई, 18 सितंबर (आईएएनएस)। एनसीपी (एसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने गणेश महोत्सव के दौरान मनोज जरांगे पाटिल के आंदोलन रोकने का स्वागत किया। वहीं, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान के 500 करोड़ के मानहानि केस पर सवाल उठाए। उन्होंने यूपीआई पर लगने वाले एमडीआर को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला।

एनसीपी-एसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा, "महाराष्ट्र में गणेश उत्सव का बहुत महत्व है। पूरी मुंबई में दस दिन भीड़ उमड़ती है। पूरी मुंबई के लोग बड़े भावुक रहते हैं। गणेश दर्शन के लिए जाते हैं। उन्होंने बहुत अच्छा निर्णय लिया है। कम से कम लाखों-करोड़ों मुंबईवासियों के लिए एक राहत की सांस है कि उन्होंने अंदोलन ऐसे समय में स्थागित किया है। अब उनका निर्णय होगा कि 26 सितंबर के बाद वो कब आंदोलन रखते हैं।"

वहीं, दिशा सालियान मामले को लेकर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि दिशा सालियान के पिता और उनका परिवार उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश कर रहा था। इसमें शायद कोई साजिश है। दूसरी तरफ आशंकाएं भी रही थीं कि आदित्य ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) को बदनाम करने के लिए इस मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। आज मुझे एक बात अखबारों में पढ़कर बहुत दुख हुआ कि दिशा के पिता ने मानहानि केस के जरिए 500 करोड़ रुपए मांगा है। मुझे ये बात अच्छी नहीं लगी कि क्या एक बेटी के जाने का गम 500 करोड़ में खरीदा जा सकता है?

नसीम सिद्दीकी ने कहा कि क्या सत्ता पक्ष के साथ मिलकर और अदालतों का सहारा लेकर बेटी के जाने के बाद 500 करोड़ कमाने की कोई योजना तो नहीं है? बहुत भावनात्मक सवाल है। मैं भी दो बेटियों का पिता हूं। बड़ा दुख होता है कि कोई बेटी उसके पिता से बिछड़ जाए, लेकिन उससे बड़ा दुख यह है कि उस बेटी के लिए कोई मुआवजा मांगा जाए, यह बात मुझे ठीक नहीं लगती है।

उन्होंने यूपीआई पर लगने वाले एमडीआर को लेकर सरकार पर साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार लोगों की जेब खाली करवाना चाहती है। पहले सरकार लोगों को इसके गुण बताती है, कहती है कि आप इससे पेमेंट करें और इस पर कोई चार्ज नहीं होगा और जब लोग इसके आदी हो जाते हैं, तो सरकार टैक्स लगा देती है। इस सरकार ने बच्चों की पढ़ाई की बहुत सारी सामग्री, आपके खाने-पीने, होटलों और आपके घूमने पर टैक्स लगा दिया। ये टैक्स वाली सरकार है, इन्हें जहां से भी मौका मिलेगा, वो चाहे स्वर्ग से हो या नरक से, वो पैसा वसूलने में पीछे नहीं रहेगी। ये व्यापारियों की सरकार है, जनता और किसानों की नहीं।

--आईएएनएस

केके/एबीएम