मुंबई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कंगना रनौत-बाबा रामदेव विवाद पर कहा कि ऐसे विवाद एक सांसद और एक संत को शोभा नहीं देते। साथ ही उन्होंने गणपति जुलूस के दौरान अंडे फेंकने की घटना पर कार्रवाई की मांग की।
आनंद दुबे ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि कंगना रनौत और बाबा रामदेव एक ही दल की विचारधारा को मानने वाले नेता हैं। दोनों ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़े हैं। एक दूसरे के प्रति वाद-विवाद करना न तो महिला सांसद को शोभा देता है और न ही बाबा रामदेव को। हमें लगता है कि सभ्य समाज में इन सब चीजों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। मेरा मानना है कि इस विषयों को ज्यादा तूल नहीं देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सावन का पवित्र महीना चल रहा है और काशी बाबा महादेव की नगरी है। हम सब महादेव के चरणों में नतमस्तक होते हैं। ऐसे समय में अगर काशी में भोज भंडारे में मांसाहार भोजन दिया जाएगा तो इस तरह के लोगों के आचरण को क्या कहा जा सकता है? इसी देश में राम और रावण दोनों रहते हैं, लेकिन काशी में इस तरह की हरकत हम सपने में भी नहीं सोच सकते।
आनंद दुबे ने देश में चीनी की महंगाई और किल्लत को बहुत दुखद बताया है। उन्होंने कहा कि चीनी के दाम में बढ़ोतरी होने से उससे बनने वाले हर उत्पाद की कीमतों में इजाफा हो गया है। चीनी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है।
उन्होंने सरकार पर तंज कसते सवाल किया कि जब आपको पता था कि असमय बारिश से फसलें खराब हो जाती है, गन्ने की खेती ठीक से नहीं हो पाई तो फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय (एफडीए) क्या कर रहा है? एफडीए का दायित्व होता है कि अगर चीनी घट रही है तो क्या विदेशों से आयात कराया? क्या हमने कालाबाजारियों पर कार्रवाई की? क्या गन्ने से बनाने वाले इथेनॉल पर रोक लगाने के बारे में सोचा?
आनंद दुबे ने कहा कि जब संकट आ जाता है तो सरकार मौन हो जाती है। सरकार को जाग जाना चाहिए। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में चीनी आज कड़वाहट दे रही है और प्याज आंखों से आंसू निकाल रही है।
इसी बीच, आनंद दुबे ने गणपति जुलूस के दौरान अंडे फेंकने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे आराध्य गणपति भगवान, जिनका आगमन 14 सितंबर से हर्षोल्लास के साथ होगा, जब उनकी सवारी निकल रही है तो उसी समय रिहायशी इलाकों से अंडे फेंके जा रहे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि कौन नहीं चाहता कि सनातन और हिंदू धर्म इस देश में जिंदा रहे? ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मैं सीएम से निवेदन करता हूं कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
--आईएएनएस
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