PM Kisan Yojana : पीएम किसान सम्मान निधि योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता, सहायता राशि पर जताई खुशी

हरदा के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की मदद से आर्थिक सहारा मिला।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना से सशक्त हो रहे अन्नदाता, सहायता राशि पर जताई खुशी

हरदा: मध्य प्रदेश के हरदा जिले में किसानों के बैंक खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सहायता राशि पहुंची है। किसानों ने सहायता राशि का उपयोग कर खेती के लिए बीज और खाद की खरीदारी की। स्थानीय किसानों ने पीएम मोदी का इस लाभकारी योजना के लिए आभार जताया है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज देशभर के किसानों के लिए एक मजबूत आर्थिक सहारा बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिसके अंतर्गत उन्हें सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में, हर चार महीने के अंतराल पर 2,000 रुपए के रूप में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। अब तक 22 किस्तों का भुगतान सफलतापूर्वक किसानों तक पहुंच चुका है, जिससे लाखों किसानों को समय पर मदद मिली है।

किसान नरेंद्र भाटी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि जब से यह योजना शुरू हुई है, तब से उन्हें लगातार इसका लाभ मिल रहा है। उनके अनुसार, यह योजना छोटे किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। पहले जहां बीज, खाद और दवाइयों के लिए उधारी का सहारा लेना पड़ता था। वहीं, अब समय पर मिलने वाली राशि से वे अपनी जरूरतें आसानी से पूरी कर पा रहे हैं।

किसान नंदकिशोर गौर भी इस योजना को बेहद उपयोगी मानते हैं। उनका कहना है कि तीनों किस्त समय पर मिलने से उनके छोटे-छोटे कृषि कार्य बिना किसी बाधा के पूरे हो जाते हैं। बीज की खरीद और फसल की देखभाल जैसे जरूरी कार्यों में यह राशि बहुत सहायक साबित हो रही है। इससे उनकी खेती की प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहती है और उन्हें किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

किसान चंद्रकांत ने बताया कि इस योजना से उन्हें साल में तीन बार आर्थिक मदद मिलती है, जिससे खेती के खर्चों को संभालना आसान हो गया है।

किसान अशोक गुर्जर ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि किसानों के लिए बहुत कारगार सिद्ध हो रही है। इस योजना की वजह से उन्हें अब खाद-बीज खरीदने के लिए कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। पहले जहां उधारी पर सामान लेने से अतिरिक्त ब्याज देना पड़ता था, वहीं अब सीधी नकद सहायता से वे सस्ते दामों पर आवश्यक सामग्री खरीद पा रहे हैं। इससे उनका आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है और वे आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

इस योजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें पारदर्शिता और सरलता है। राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर होने से बिचौलिया व्यवस्था समाप्त हो गई है। इससे किसानों को पूरा लाभ बिना किसी कटौती के मिल रहा है। यही कारण है कि किसानों के बीच इस योजना के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

--आईएएनएस

 

 

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