मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने भोपाल में 7,400 से अधिक मेधावी छात्रों को बांटीं ई-स्कूटी

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल में मेधावी छात्रों को वितरित की ई-स्कूटी
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भोपाल, 19 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को भोपाल में 'मुख्यमंत्री स्कूटी योजना' अंतर्गत राज्य भर के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 7,400 से अधिक मेधावी छात्रों को ई-स्कूटी वितरित कीं।

यह राज्य-स्तरीय कार्यक्रम भोपाल के शिवाजी नगर स्थित सरकारी सुभाष एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 11 छात्रों को प्रतीकात्मक रूप से स्कूटी की चाबियां सौंपीं। पात्र छात्रों के बैंक खातों में वाहनों के लिए धनराशि भी सीधे हस्तांतरित की गई।

लाभार्थियों से बातचीत करते हुए सीएम मोहन यादव ने उनसे उनकी योजनाओं और आकांक्षाओं के बारे में पूछा। साथ ही, मुख्यमंत्री ने उन्हें स्कूटी चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने की सलाह दी।

इस बातचीत के दौरान, मध्य प्रदेश की टॉपर खुशी राय ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह बी. कॉम की पढ़ाई के साथ-साथ चार्टर्ड अकाउंटेंसी कोर्स की तैयारी कर रही हैं और स्कूटी से उन्हें कॉलेज आने-जाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने अन्य छात्रों से भी बातचीत की, जिनमें आकाश साहू भी शामिल थे। वह एक किसान परिवार से आते हैं और कृषि क्षेत्र में अपना स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री से स्कूटी की चाबी प्राप्त करने वाले छात्र रवि केवट और मरियम खान ने चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की इच्छा व्यक्त की, जबकि मिनी जैन एनईटी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद न्यूरोसर्जन बनना चाहती हैं।

एक अन्य छात्रा रानी संपाले ने कहा कि वह उच्च शिक्षा प्राप्त करके वकील बनना चाहती हैं, जबकि खुशी यादव एमबीबीएस करने की योजना बना रही हैं। एक अन्य मेधावी छात्र शिव कुमार कौल ने कहा कि वह सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग करना चाहते हैं और 'विकसित भारत' के लक्ष्य में योगदान देना चाहते हैं।

'मुख्यमंत्री स्कूटी योजना' का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना और उच्च शिक्षा के दौरान उनकी गतिशीलता में सहायता करना है।

का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के छात्रों के बीच एकेडमिक एक्सीलेंस को प्रोत्साहित करना और हायर एजुकेशन के दौरान उन्हें आने-जाने में मदद करना है। राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना से अब तक 23,000 से अधिक छात्रों को लाभ मिल चुका है।

हालांकि, इस साल से योजना के लिए पात्रता मानदंड बदले गए हैं। अब छात्रों को कक्षा 12 में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे और साथ ही अपने-अपने विद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त करना होगा।

--आईएएनएस

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