नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत द्वारा न्यूयॉर्क में आयोजित कार्यक्रम में हिंदू-मुस्लिम से जुड़े दिए गए बयानों पर भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन सहित भाजपा के नेताओं ने प्रतिक्रियाएं दी। मोहन भागवत ने 'एक दुनिया, एक मानवता' कार्यक्रम में कहा कि भारत की पहचान 'विविधता में एकता' से है और अगर कोई हिंदू यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रह सकता।
भागवत के बयान पर भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने आईएएनएस से कहा, "हिंदू सबको साथ लेकर चलने वाला है। 'हिंदू' न तो किसी पंथ का नाम है, न ही किसी धर्म का, और न ही 'हिंदू' को पूजा के किसी खास तरीके से बांधा जा सकता है। हिंदू होना जीवन जीने का एक तरीका है। इसलिए, जो व्यक्ति हिंदू है, या हिंदुत्व या हिंदू धर्म में विश्वास रखता है, वह सबको साथ लेकर चलने वाला होता है। उनके लिए सभी पंथों, धर्मों और अलग-अलग रास्तों को मानने वाले लोग बराबर होते हैं। इसीलिए मोहन भागवत ने सही कहा कि कोई व्यक्ति हिंदू नहीं हो सकता अगर वह मुसलमानों के खिलाफ हो या मुसलमानों को अपना हिस्सा न मानता हो।"
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, "अमेरिका में सरसंघचालक ने जो संदेश दिया, वह उन्होंने पहले भी दिया है। कुछ संकीर्ण सोच वाले लोग हो सकते हैं जो ऐसा सोचते हों। भारत में रहने वाले किसी भी भारतीय नागरिक की पूजा-पद्धति चाहे जो भी हो, वह भारत में ही रहेगा। हिंदुत्व की अवधारणा में भी मुस्लिम समुदाय को कहीं भी अलग-थलग या बाहर नहीं माना जाता है। हम 'वसुधैव कुटुंबकम' में विश्वास रखते हैं। लेकिन संघ और भाजपा के बारे में गलतफहमियां और गलत राय बनाकर, कई लोग इसका शिकार हो जाते हैं। मुसलमानों के बिना देश नहीं चल सकता। प्रधानमंत्री भी कहते हैं सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास। सरसंघचालक ने भी कहा है कि मुसलमानों के बिना इस देश की कोई कल्पना नहीं हो सकती।"
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव रोहन गुप्ता ने कहा, "मोहन भागवत ने बहुत सही बात कही है। यहां मुद्दा तुष्टीकरण के खिलाफ था, न कि किसी धर्म के खिलाफ। हर धर्म के व्यक्ति को अपनी बात रखने और अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। जब राजनीतिक पार्टियां तुष्टीकरण के लिए इसका गलत इस्तेमाल करती हैं और उससे पैदा हुई स्थिति से निपटना होता है, तो मोहन भागवत की बात बिल्कुल सही थी। यह किसी धर्म के खिलाफ नहीं था।"
भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने कहा, "अमेरिका में उन्होंने (मोहन भागवत) नफरत फैलाने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने भारत की असली पहचान दिखाई है और दुनिया भर के लोगों को भारत की समृद्ध संस्कृति से परिचित कराया है। मोहन भागवत ने अमेरिका में जो कहा, वही भारत की असलियत है। यही भारत की पहचान है, यही भारत की मिट्टी और संस्कृति का हिस्सा है। यह बात उन लोगों को समझनी चाहिए जो पिछले एक हफ्ते से नफरत और झूठ के आधार पर उनके खिलाफ बोल रहे हैं, चाहे वो न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हों या यहां बैठे विपक्ष के सदस्य, जिन्हें लगता है कि आरएसएस का विरोध करके वे आगे बढ़ सकते हैं या कुछ हासिल कर सकते हैं।"
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा ने कहा, "अमेरिका में मोहन भागवत ने जो बातें कहीं, वे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि जो भी हिंदू चाहता है कि भारत 'मुस्लिम-मुक्त' हो, वह असल में हिंदू नहीं है। यह उनकी समावेशी सोच और देश-निर्माण व सामाजिक विकास के प्रति आरएसएस की हमेशा से रही प्रतिबद्धता को दर्शाता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि राहुल गांधी भारत के जोहरान ममदानी बनते जा रहे हैं। आरएसएस के प्रति जोहरान ममदानी के मन में जैसी नफरत है, वैसी ही राहुल गांधी के मन में भी है और पवन खेड़ा व प्रियांक खड़गे के मन में भी है।"
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. गुरु प्रकाश पासवान ने कहा, "पूरा विश्व एक परिवार है। जन्म-आधारित भेदभाव हमारे समाज और सोच का हिस्सा हो ही नहीं सकता। मोहन भागवत ने जो कहा, वह सटीक है।"
--आईएएनएस
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