शिलांग: मेघालय सरकार की कैबिनेट ने कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों के लिए कम्युनिटी-इंटीग्रेटेड स्किल लर्निंग (सीआईएसएल) को पाठ्यक्रम का एक संरचित हिस्सा बनाने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है।
मेघालय के सीएम ने एक्स पर बताया कि अभी कक्षा 6 से 10 तक स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा एक छठे विषय के रूप में पढ़ाई जाती है, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा किताबों और सैद्धांतिक जानकारी तक ही सीमित है। इस विषय को अधिक उपयोगी और व्यवहारिक बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने इसमें कम्युनिटी इंटीग्रेटेड स्किल लर्निंग को जोड़ने का फैसला किया है।
इसके तहत छात्रों को अपनी रुचि और अपने परिवार या समुदाय की पृष्ठभूमि के अनुसार एक या एक से अधिक व्यावहारिक कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी छात्र के माता-पिता खेती से जुड़े हैं, तो छात्र अपने माता-पिता से सीधे कृषि से जुड़े कौशल सीख सकता है।
इसी तरह, परिवार के अन्य सदस्यों या स्थानीय समुदाय में किए जाने वाले कार्यों से जुड़े कौशल भी सीखे जा सकते हैं। छात्र को चुने गए कौशल को सक्रिय रूप से सीखना, उसका अभ्यास करना और उसे प्रदर्शित कर साबित करना होगा।
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा का कहना है कि इस पहल के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं। छात्रों को ऐसे व्यावहारिक और उपयोगी कौशल मिलेंगे जो भविष्य में उनके काम आ सकते हैं। भले ही छात्रों पर अपने माता-पिता का पेशा अपनाने की कोई बाध्यता नहीं होगी, लेकिन इससे पारंपरिक पारिवारिक और सामुदायिक पेशों को महत्व मिलने की संभावना बढ़ेगी।
इसके साथ ही सीआईएसएल का शैक्षणिक मूल्यांकन में महत्वपूर्ण योगदान होगा। इससे छात्रों और उनके परिवारों के बीच सकारात्मक सहभागिता बढ़ेगी और सामाजिक संबंध मजबूत होंगे।
सीएम कॉनराड के. संगमा ने लिखा कि कुल मिलाकर, शिक्षा विभाग द्वारा सीआईएसएल की शुरुआत एक नवाचारी कदम है जिसका उद्देश्य कक्षा की पढ़ाई को वास्तविक जीवन के कौशल से जोड़ना, शिक्षा में परिवार की भागीदारी बढ़ाना और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालना है।
-आईएएनएस
