मध्य प्रदेश में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए समन्वित प्रयास जरूरी: राजेंद्र शुक्ल

मध्य प्रदेश में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए समन्वित प्रयास जरूरी: राजेंद्र शुक्ल

भोपाल, 9 जुलाई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने तथा एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वल्लभ भवन में यूनीसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट के दौरान शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी, एनीमिया नियंत्रण, कुपोषण, बाल विवाह की रोकथाम तथा उच्च जोखिम गर्भावस्था के प्रभावी प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

डिप्‍टी सीएम शुक्ल ने कहा कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर को कम करने तथा एनीमिया की चुनौती से निपटने के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। राज्य सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती कर मानव संसाधन की कमी दूर करने की दिशा में कार्य कर रही है। हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

डिप्‍टी सीएम शुक्‍ल ने कहा कि यूनीसेफ राज्य के मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण में सहयोग कर सकता है, ताकि वे जिलों में प्रशिक्षण देकर उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु देखभाल को मजबूत कर सकें।

उन्होंने पंचायतों के सहयोग से राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई। यूनीसेफ से ऐसे सरल एवं प्रभावी मुख्य संदेश उपलब्ध कराने का आग्रह किया, जिन्हें जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेतृत्व के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके।

यूनीसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) मिलर ने शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने इस दिशा में राज्य द्वारा लागू किए जा रहे ‘सुमन रोडमैप’ की प्रशंसा की।

--आईएएनएस

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