भोपाल, 21 जुलाई (आईएएनएस)। करीब 10 दिनों के लंबे अंतराल के बाद मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात से लगातार बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भोपाल केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी के अनुसार नीमच, मंदसौर, उज्जैन, महाकालेश्वर, आगर मालवा, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर, देवास, भोपाल, बैरागढ़, नबीबाग, रायसेन, भीमबेटका, सांची, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, होशंगाबाद और नरसिंहपुर में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में प्रति घंटे 5 से 15 मिमी तक वर्षा हो सकती है तथा बादल से जमीन पर बिजली गिरने की आशंका 30 से 60 प्रतिशत तक जताई गई है।
वहीं विदिशा, उदयगिरि, दमोह, पन्ना, सतना, चित्रकूट, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, सीधी, मैहर, कटनी, उमरिया, बांधवगढ़, डिंडोरी, जबलपुर, भेड़ाघाट, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, अमरकंटक, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्णा, खंडवा, ओंकारेश्वर, हरदा, बुरहानपुर, खरगोन, महेश्वर, रतलाम, धोलावाड़, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, मांडू, इंदौर, बड़वानी और बावनगजा में हल्की गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में प्रति घंटे 5 मिमी से कम वर्षा होने की संभावना है तथा बिजली गिरने का खतरा 30 प्रतिशत से कम रहेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह बारिश ऐसे समय में हो रही है, जब राज्य में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से करीब 17 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी 23 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 प्रतिशत रही है। पिछले करीब 12 दिनों से भारी बारिश नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी थी।
हालांकि आईएमडी का अनुमान है कि 25 जुलाई तक राज्य के लगभग 90 प्रतिशत हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इससे खड़ी फसलों को नमी मिलेगी, जलाशयों का जलस्तर सुधरेगा और कृषि कार्यों के लिए मिट्टी में नमी बढ़ेगी।
मौसम विभाग ने लोगों को निचले इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने तथा वाहन चालकों को फिसलन और कम दृश्यता के बीच सावधानी बरतने को कहा गया है। किसानों को भी खराब मौसम के दौरान फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारी बारिश के समय खुले में काम करने से बचने की सलाह दी गई है।