इंदौर, 7 जून (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के इंदौर में कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े नेता चेतन पवार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता वीरेंद्र शेडगे के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट, तोड़फोड़ और थाने के घेराव की नौबत आ गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, आरएसएस नेता चेतन पवार भाजपा नेता वीरेंद्र शेडगे के घर के बाहर आवारा कुत्तों को खाना खिला रहे थे। इसी दौरान वीरेंद्र शेडगे ने अपने घर के सामने कुत्तों को खाना डालने का विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते विवाद और मारपीट में बदल गई।
आरोप है कि इस दौरान वीरेंद्र शेडगे ने चेतन पवार के साथ मारपीट की और उनकी पिटाई कर दी। घटना के बाद चेतन पवार शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि भाजपा नेता के प्रभाव के चलते उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों को दी।
मामला संगठन तक पहुंचते ही बड़ी संख्या में आरएसएस कार्यकर्ता सक्रिय हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने वीरेंद्र शेडगे के कार्यालय और घर के बाहर पहुंचकर तोड़फोड़ की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने संबंधित थाने का घेराव कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
बढ़ते दबाव के बीच पुलिस ने चेतन पवार की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, वीरेंद्र शेडगे का नाम पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। हाल ही में उनका पुलिसकर्मियों के साथ विवाद भी चर्चा में रहा था। बताया जा रहा है कि उनकी लगातार विवादित कार्यशैली और संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को देखते हुए भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित करने संबंधी पत्र जारी किया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मारपीट, तोड़फोड़ और अन्य आरोपों की जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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