भोपाल, 17 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य सरकार से महाविद्यालय में कार्यरत अतिथि विद्वानों के संबंध में नीति बनाने के लिए समयावधि तय करने की मांग की है। राज्य के अतिथि विद्वानों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मुलाकात की।
अतिथि विद्वानों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि चुनावी साल में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2023 को अतिथि विद्वानों की महापंचायत के दौरान फॉलन आउट की प्रक्रिया बंद करने की घोषणा थी। इस दौरान महिला अतिथि विद्वानों ने पूर्व सीएम को बताया कि पिछले महीने यानी 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के दिन उज्जैन में मौजूदा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महिला अतिथि विद्वानों से रक्षा सूत्र बंधवाकर नियमितीकरण नीति बनने तक फॉलन आउट प्रक्रिया रोकने का आश्वासन दिया था।
इसके बावजूद राज्य सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार कह रहे हैं कि फॉलन आउट प्रोसेस बंद नहीं होगी। दशकों से कार्यरत अतिथि विद्वानों को हटाया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अतिथि विद्वानों से कहा कि कांग्रेस पार्टी आपकी मांगों का समर्थन करती है।
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने की निश्चित समयावधि तय किया जाए। साथ ही नीति लागू होने तक फॉलन आउट की प्रक्रिया बंद हो। दरअसल, राज्य के महाविद्यालय में लंबे अरसे से अतिथि विद्वान अपनी सेवाएं दे रहे हैं और उनकी ओर से लगातार नियमितीकरण की मांग की जा रही है।
सरकार की ओर से लगाकर नीति बनाने का भरोसा दिलाया जा रहा है, मगर उस पर अमल नहीं हो रहा है।
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