भोपाल, 14 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नकली पासपोर्ट रैकेट के शक में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मामले में 70 से ज्यादा पासपोर्ट की जांच की जा रही है और अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच अब भोपाल, ग्वालियर, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा तक फैल गई है, जहां जांच अधिकारी पासपोर्ट के लिए किए गए आवेदनों, पतों और उन दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर यात्रा दस्तावेज हासिल करने के लिए किया गया था।
एसटीएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल राहुल लोढ़ा ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि एजेंसी नागपुर में गिरफ्तार आरोपी के पासपोर्ट की भी जांच कर रही है, जो गुजरात में जारी किया गया था।
लोढ़ा ने कहा, "अब तक नकली पासपोर्ट मामले में कुल 70 पासपोर्ट की जांच की जा रही है। हमने नागपुर से गिरफ्तार एक आरोपी के एक और पासपोर्ट को भी इसमें शामिल किया है, जो गुजरात में जारी हुआ था। जांच अभी भी जारी है।"
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार आरोपी पूर्वोत्तर (असम सहित) के रहने वाले हैं और उनकी पहचान व अन्य विवरणों की पुष्टि की जा रही है।
जांच से पता चला है कि कई पासपोर्ट आवेदन कथित तौर पर एक ही या संदिग्ध पतों का इस्तेमाल करके किए गए थे, जिससे एक संगठित नेटवर्क होने की संभावना बढ़ गई है।
लोढ़ा ने कहा, "मध्य प्रदेश में चार से पांच जिलों से नकली पासपोर्ट जारी किए गए हैं। ग्वालियर में, डबरा के सेमरिया ताल इलाके में एक ही जगह से 17 पासपोर्ट के लिए धोखाधड़ी से आवेदन किए गए थे। भोपाल में अन्ना नगर के एक पते का इस्तेमाल करके 40 पासपोर्ट जारी किए गए थे।"
एसटीएफ भोपाल के उन मामलों की जांच कर रही है जिनमें गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन इलाके के तहत अन्ना नगर में एक मठ के पते का इस्तेमाल करके कथित तौर पर 40 पासपोर्ट जारी किए गए थे। जांच अधिकारी आवेदनों के साथ जमा किए गए दस्तावेजों और पतों की पुष्टि कर रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि पासपोर्ट कैसे हासिल किए गए और क्या इसमें स्थानीय मददगार या एजेंट शामिल थे।
एसटीएफ नेटवर्क के संदिग्ध अंतर-राज्यीय संपर्कों की भी जांच कर रही है और यह देख रही है कि क्या जांच के दायरे में आए पासपोर्ट आपस में जुड़े हुए हैं।
अधिकारी ने यह भी बताया कि अगर चल रही जांच में और लोगों की संलिप्तता का पता चलता है या धोखाधड़ी वाले और पासपोर्ट आवेदन सामने आते हैं, तो गिरफ्तारियों सहित आगे की कार्रवाई की जाएगी। संदिग्ध रैकेट के पूरे दायरे का पता लगाने के लिए जांच को अन्य जगहों तक भी बढ़ाया जा रहा है।
--आईएएनएस
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