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मदुरंतकम-धरपुरम उपचुनाव पर रोक की मांग, पीआईएल पर 16 सितंबर को मद्रास हाईकोर्ट में सुनवाई

मदुरंतकम-धरपुरम विधानसभा उपचुनावों पर रोक लगाने की मांग
मदुरंतकम-धरपुरम

चेन्नई, 15 सितंबर (आईएएनएस)। अप्रैल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मदुरंतकम, धरपुरम, अम्बासमुद्रम, पेरुंदुरई, करूर और विरालीमलाई विधानसभा क्षेत्रों से चुने गए छह विधायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया और सत्तारूढ़ दल में शामिल हो गए।

उच्च न्यायालय ने पहले ही अम्बासमुद्रम, पेरुंदुरई, करूर, विराली मलाई और तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा पर रोक लगा दी है, जहां चुनाव याचिकाएं लंबित हैं।

मदुरंतकम और धरपुरम में कोई भी चुनाव याचिका लंबित न होने के कारण भारत निर्वाचन आयोग ने घोषणा की है कि इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होंगे।

इस स्थिति में, चेन्नई के सैदापेट निवासी अधिवक्ता सुधन ने एक जनहित याचिका दायर कर निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की मांग की है कि वह उचित प्रक्रिया बनाए जिसके तहत चुनाव परिणामों के तुरंत बाद राजनीतिक कारणों से इस्तीफा देने वाले विधायकों को जनता के जनादेश की अवहेलना करते हुए उपचुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल करते समय चुनाव खर्च के रूप में एक राशि जमा करनी होगी।

याचिका में कहा गया है कि चूंकि विधायकों ने अपने राजनीतिक कारणों से इस्तीफा दिया है, इसलिए करदाताओं के पैसे से उपचुनाव कराना जरूरी है। इसमें खर्चों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए उचित प्रक्रियाओं की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि चुनाव परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद राजनीतिक कारणों से अपने पदों से इस्तीफा देने वाले, जनता के जनादेश की अवहेलना करने वाले लोगों को एक निश्चित अवधि के लिए चुनाव लड़ने से रोकने के लिए कानून बनाने हेतु अध्ययन किया जाए।

याचिका में मामले के निपटारे तक मदुरंतकम और धरपुरम निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव कराने पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। इसमें चुनाव आयोग को पूर्व विधायकों मरगथम कुमारवेल और सत्यबामा के नामांकन पत्र स्वीकार करने से रोकने का निर्देश देने की भी मांग की गई है, जिन्हें इन निर्वाचन क्षेत्रों से तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया गया है।

इसी प्रकार, याचिका में चुनाव आयोग को तिरुचिरापल्ली पूर्व, करूर, विरालिमलाई, पेरुंदुरई, अम्बासमुद्रम, मदुरंतकम और धरपुरम निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव कराने में होने वाले खर्चों का विस्तृत विवरण देने वाली रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

यह मामला न्यायमूर्ति एस.एन. सुब्रमण्यम और कृष्णस्वामी गोविंदराजन की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए 12वें मामले के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

--आईएएनएस

एमएस/