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मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान: अबू आजमी

मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान: अबू आजमी
मदरसों

मुंबई, 14 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने गणेशोत्सव की बधाई देते हुए भाजपा नेता दिलीप घोष के मदरसों पर दिए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि उलेमा-ए-किराम ने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी और मदरसों को आतंकवाद से जोड़ना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है।

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने गणेशोत्सव पर बधाई देते हुए कहा, "इस खुशी के त्योहार पर सभी भाइयों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और इसका किसी को विरोध नहीं करना चाहिए। इतिहास देखने पर पता चलता है कि गणपति त्योहार की शुरुआत इसलिए हुई थी, क्योंकि अंग्रेजों के जमाने में लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध था, तब गणपति के बहाने लोगों को एकजुट कर स्वतंत्रता की लड़ाई में भागीदारी की गई थी।"

दिलीप घोष के बयान पर पलटवार करते हुए अबू आसिम आजमी ने कहा कि अंग्रेजों ने हुकूमत मुसलमानों से छीनी थी, ऐसे में मदरसों ने उस दौर में मजबूती से लड़ाई लड़ी थी जिसे अंग्रेज आतंकवाद कहते थे। उन्होंने कहा कि इतिहास के पन्ने पलट कर देखा जाए तो महात्मा गांधी से लेकर सभी नेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उलेमा-ए-किराम ने अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी थी और तब घबराकर अंग्रेज उन्हें आतंकवादी करार देते थे।

उन्होंने कहा कि आज भी कुछ लोग मदरसों को आतंकवाद से जोड़ते हैं, उन्हें इतिहास की जानकारी नहीं है और उलेमा और मदरसा-मस्जिद से जुड़े लोग देशभक्त हैं। उनका आतंकवाद से कोई लिंक नहीं है, जिनका लिंक है उन्हें पकड़िए, जो लोग अंग्रेजों के तलवे चाट रहे थे और जिनका आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं था, उन्हें मेरी बात पर मिर्ची लगेगी, लेकिन इतिहास पढ़ लीजिए कि किसका कितना योगदान रहा है। मदरसा वालों पर इस तरह का आरोप लगाना आजादी के लिए लड़ने वालों का अपमान है।

सपा नेता ने कहा कि अगर वह कहते कि 2029 के पहले देश में भुखमरी खत्म हो जाएगी, देश में आपसी भाईचारा बढ़ जाएग तो मैं तालियां बजाता। अगर कहते कि सारे कॉलेज स्कूल में बच्चों की पढ़ाई अच्छी होगी, कोई भी पेपर लीक नहीं होगा, किसी के साथ जुल्म नहीं होगा तो हम तालियां बजाते। सपा नेता ने कहा कि इनके पास कोई मुद्दा नहीं है। ये लोग डाइवर्ट करने के लिए धर्म को बीच में लाते हैं और जो लोग राजनीति में धर्म को बीच में लाते हैं, वे समझो कि अच्छे राजनीति वाले नहीं।

अबू आजमी ने कहा कि अब जेन-जी जाग चुका है, जो अच्छा काम करेगा वही सत्ता में रहेगा और जो धर्म के नाम पर झूठ बोलकर राजनीति में आए हैं, उनके दिन अब गिने-चुने ही बचे हैं।

ब्रिक्स समिट में शाकाहारी खाने को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्ट पर सपा नेता ने कहा कि जो मेहमान आए थे, उन्हें उनकी पसंद का खाना खिलाना चाहिए था।

वहीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर उन्होंने कहा कि समिट से फायदा होना चाहिए। समिट में जो बातें हुई हैं, उसे भी लागू करना चाहिए। देश की तरक्की होनी चाहिए।

--आईएएनएस

केके/वीसी