नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता मदन मित्रा की गाड़ी पर हुए कथित हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को दावा किया कि यह हमला विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं ने नहीं, बल्कि खुद मदन मित्रा के लोगों ने कराया ताकि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके।
दरअसल, शनिवार को उत्तर 24 परगना जिले के कामरहाटी विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर मदन मित्रा की गाड़ी पर अंडे फेंके और उसमें तोड़फोड़ की। घटना के बाद उन्हें क्षेत्र छोड़ना पड़ा। हालांकि, हमले के समय मदन मित्रा गाड़ी में मौजूद नहीं थे। बाद में उन्होंने इस घटना के लिए "भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों" को जिम्मेदार ठहराया।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बंगाल सरकार में मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा, "मदन मित्रा ने अपनी सुरक्षा बढ़वाने के लिए खुद अपने लोगों से अपनी गाड़ी पर हमला करवाया है। इसके पीछे कोई और कारण नहीं है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि मदन मित्रा के करीबी लोगों ने पूरी घटना की पटकथा तैयार की ताकि उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके।
वहीं, भाजपा विधायक पवन सिंह ने लोगों से हिंसा का रास्ता न अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में जो घटनाएं होती थीं, वे भाजपा सरकार में दोहराई नहीं जानी चाहिए।
पवन सिंह ने कहा, "लोगों ने हमें बड़ी उम्मीदों के साथ सत्ता में बैठाया है। लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने टीएमसी शासन के दौरान अत्याचार झेले हैं और अब किसी न किसी रूप में अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इसी वजह से ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।"
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि उनके साथ पहले किसी तरह का अन्याय हुआ है तो वे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस का सहारा लें।
मदन मित्रा द्वारा हत्या की साजिश रचे जाने के आरोपों को खारिज करते हुए पवन सिंह ने कहा, "वे तरह-तरह के आरोप लगाएंगे, लेकिन इनमें कोई सच्चाई नहीं है।"
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अगर कोई वास्तव में उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहता, तो पहले से इसकी सूचना नहीं देता।"
इस बीच, माकपा नेता हनान मोल्ला ने भी कहा कि तृणमूल नेताओं पर हमले की ऐसी घटनाएं आगे भी देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि टीएमसी ने अपने शासनकाल में "नफरत और हिंसा की राजनीति" को बढ़ावा दिया।
मोल्ला ने आईएएनएस से कहा, "पिछले 15 वर्षों में राज्य में सैकड़ों लोगों की हत्या हुई, हजारों लोगों के साथ मारपीट हुई, घरों पर हमले हुए और विभिन्न माध्यमों से भ्रष्टाचार के आरोप लगे। इसी वजह से लोगों में नाराजगी है।"
हालांकि, उन्होंने किसी भी राजनीतिक नेता पर हमले की निंदा करते हुए कहा कि अपराधी को भी कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए, न कि भीड़ द्वारा निशाना बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं किसी भी राजनीतिक नेता पर हमले की कोशिश की निंदा करता हूं।"
--आईएएनएस
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