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मणिपुर: 4 लाख का इनामी 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' उग्रवादी गिरफ्तार

मणिपुर:

इंफाल, 23 ​​अगस्त (आईएएनएस)। असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित संगठन 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' (पीएलए) के एक बड़े उग्रवादी को पकड़ा है, जिस पर 4 लाख रुपए का इनाम था।

रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि पीएलए के खुद को कैप्टन बताने वाले 28 वर्षीय थियाम बोयचा सिंह उर्फ ​​बालिन को शनिवार रात थौबल जिले के उशोइपोकपी से गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने कहा कि यह सफल संयुक्त ऑपरेशन असम राइफल्स से मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था, जिससे बिष्णुपुर जिले में उग्रवादी की मौजूदगी का पता चला था। इसके बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार शाम को एक टारगेटेड सर्च ऑपरेशन शुरू किया और पीएलए के इस खतरनाक उग्रवादी को पकड़ने में कामयाबी हासिल की।

मौके पर हुई पूछताछ में उसकी पहचान थियाम बोयचा सिंह उर्फ ​​बालिन के तौर पर हुई, जो खुद को पीएलए कैप्टन बताता था और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को उसकी तलाश थी। उस पर 4 लाख रुपए का इनाम घोषित था। वह 13 नवंबर, 2021 को चुराचांदपुर जिले में हुए उस हमले का भी मुख्य आरोपी है, जिसमें कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और अन्य जवानों की मौत हो गई थी।

शुरुआती पूछताछ से पीएलए की गतिविधियों में उसकी संलिप्तता का पता चला है, जिसमें ट्रेनिंग लेना, म्यांमार के एक कैंप में लंबे समय तक रहना, युद्ध से जुड़े सामान की खरीद-फरोख्त और अन्य उग्रवादी समूहों के साथ संबंध बनाए रखना शामिल है। पकड़े गए उग्रवादी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शनिवार रात थौबल जिले के लिलोंग पुलिस स्टेशन में मणिपुर पुलिस को सौंप दिया गया।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह ऑपरेशन शांति और क्षेत्रीय सुरक्षा बनाए रखने में असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल और सहयोग को दिखाता है।

13 नवंबर, 2021 को चुराचांदपुर जिले के पहाड़ी इलाके में हुए हमले में असम राइफल्स की खुगा बटालियन के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर कर्नल त्रिपाठी, उनकी पत्नी अनुजा (36), बेटे अबीर (5) और पैरामिलिट्री फोर्स के चार अन्य जवान मारे गए थे।

--आईएएनएस

एमएस/