चेन्नई, 15 सितंबर (आईएएनएस)। मद्रास हाईकोर्ट ने डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की तरफ से जवाब देने के लिए 21 सितंबर तक का समय दिया है। यह जवाब मंत्री आधव अर्जुन द्वारा दायर मानहानि के उस मुकदमे के संबंध में है, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया था कि जॉन ब्रिटो, जो कथित तौर पर ड्रग तस्करी के मामले में शामिल था, वह मंत्री आधव अर्जुन का रिश्तेदार है। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) के एक बयान का हवाला देते हुए स्टालिन ने दावा किया था कि यह बात सामने आई है कि जॉन ब्रिटो, जो कथित तौर पर 258 करोड़ रुपये के ड्रग तस्करी मामले का मास्टरमाइंड था, वह तमिलनाडु के लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन का रिश्तेदार है।
हालांकि, मंत्री आधव अर्जुन ने मद्रास हाईकोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के खिलाफ मुकदमा दायर किया और 1 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ईडी द्वारा बताए गए जॉन ब्रिटो से उनका कोई रिश्ता नहीं है। अपनी याचिका में आधव अर्जुन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी छवि खराब करने के इरादे से यह पोस्ट किया था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और डीएमके आईटी विंग को उन पोस्ट को हटाने का निर्देश देने की मांग की, जो कथित तौर पर उन्हें बदनाम करने के इरादे से किए गए थे।
जब मामले की सुनवाई हुई, तो जस्टिस गोविंदराजन थिलाकवथी ने पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और डीएमके आईटी विंग को मंत्री आधव अर्जुन की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। जब आज याचिका पर फिर से सुनवाई हुई, तो स्टालिन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विल्सन ने जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए 21 सितंबर तक का समय मांगा। अनुरोध स्वीकार करते हुए जज ने मामले की सुनवाई 21 सितंबर तक के लिए टाल दी।
--आईएएनएस
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