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मणिपुर में कुकी-जो समुदाय के साथ भेदभाव का आरोप, परिषद ने सरकार से उठाए सवाल

मणिपुर

इंफाल, 11 अगस्त (आईएएनएस)। कुकी-जो परिषद (केजेडसी) ने मणिपुर में कुकी-जो समुदाय के खिलाफ कथित हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव और न्याय से वंचित किए जाने की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। परिषद का आरोप है कि हाल की घटनाओं से यह संकेत मिलता है कि केंद्र और राज्य सरकारें नागा समुदाय के मुद्दों पर विशेष ध्यान दे रही हैं, जबकि कुकी-जो समुदाय की शिकायतों और पीड़ा को नजरअंदाज किया जा रहा है।

केजेडसी ने कहा कि लेइलोन वैफेई क्षेत्र के 21 ग्रामीणों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लेमाखोंग आर्मी कैंप में पेश होने के लिए तलब किया है। वहीं, कांगपोकपी जिले के कैलेंजांग गांव पर कथित तौर पर एनएससीएन-आईएम के उग्रवादियों ने हमला किया, जिसमें कई घरों को आग के हवाले कर दिया गया।

परिषद ने यह भी दावा किया कि लेमाखोंग एरिया प्रोटेक्शन कमेटी (एलएपीसी) के एक नागरिक समाज नेता, जिनका किसी आपराधिक मामले से कोई संबंध नहीं है, अभी भी चुराचांदपुर जेल में बंद हैं।

केजेडसी के अनुसार, यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) को दो महीने से अधिक समय से अपना नाकाबंदी अभियान जारी रखने की अनुमति दी गई है। परिषद का आरोप है कि इस नाकाबंदी के कारण कांगपोकपी समेत कुकी-जो बहुल क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

परिषद ने कहा कि लंबे समय तक आवश्यक वस्तुओं से वंचित रखना अमानवीय है, मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और इससे मानवीय संकट पैदा हो रहा है। केजेडसी ने यह भी कहा कि नाकाबंदी हटाने के लिए यूएनसी द्वारा राज्य सरकार को दिए गए कथित प्रस्ताव अव्यावहारिक और अप्रासंगिक हैं।

कुकी-जो परिषद ने सरकार से कई सवाल पूछे हैं। परिषद ने कहा कि मणिपुर के छह नागा लोगों के मामलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जबकि कथित तौर पर नागा उग्रवादियों द्वारा मारे गए 15 कुकी-जो लोगों, जिनमें तीन पादरी भी शामिल हैं, इस मामलों में न तो समान ध्यान दिया गया और न ही न्याय मिला।

परिषद ने यह भी पूछा कि यूएनसी को नाकाबंदी जारी रखने की अनुमति क्यों दी जा रही है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।

केजेडसी ने मांग की कि कानून के तहत सभी समुदायों को समान सुरक्षा प्रदान की जाए, निर्दोष बंदियों को तुरंत रिहा किया जाए, 15 कुकी-जो लोगों की हत्या के मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कुकी-जो गांवों पर हुए हमलों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

परिषद ने साथ ही नाकाबंदी को तत्काल समाप्त करने की भी मांग की। केजेडसी ने कहा कि न्याय का पैमाना सभी के लिए समान होना चाहिए और कुकी-जो समुदाय के लोगों के जीवन का भी समान महत्व है।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम