इंफाल, 7 जून (आईएएनएस)। मणिपुर में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों की तरफ से लगभग चार सप्ताह से लगातार गहन संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। बावजूद इसके पहाड़ी जिलों में सशस्त्र समूहों द्वारा कथित तौर पर अपहरण किए गए नागा और कुकी समुदायों के लगभग 20 सदस्य अभी भी लापता हैं।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कांगपोकपी जिले में हाल ही में हुई हिंसा के प्रभाव को रोकने के लिए, सुरक्षा बलों ने इंफाल-दिमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-2) पर स्थित लिटान, महादेव और सिनाकेथेल गांवों के आसपास के क्षेत्रों में अचानक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
उन्होंने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने दोनों समुदायों द्वारा बसे गांवों में संयुक्त गश्त की और कई अवैध बंकरों का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर दिया।
अधिकारी ने कहा कि ग्राम अधिकारियों और नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) से आवश्यक सहयोग के लिए संपर्क किया गया और उन्हें आश्वासन दिया गया कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा बलों की निरंतर उपस्थिति बनी रहेगी। उनसे स्थानीय युवाओं को जागरूक करने और यह सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया कि वे अन्य क्षेत्रों में घटित घटनाओं से प्रभावित न हों या अपने गांवों के पास हिंसा की घटनाओं में शामिल न हों।
उन्होंने आगे कहा कि स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने, राजमार्गों की सुरक्षा बनाए रखने और 20 बंधकों - 6 नागा और 14 कुकी समुदाय के लोगों - के बचाव के लिए कांगपोकपी, सेनापति और आसपास के जिलों में अभियान जारी रहेगा।
नागा और कुकी दोनों समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं और अपहृत लोगों की सुरक्षित रिहाई की मांग कर रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार, 13 मई को हुई हिंसक घटनाओं के बाद कुकी-जो बहुल कांगपोकपी जिले और नागा बहुल सेनापति जिले में विभिन्न सशस्त्र समूहों द्वारा कुकी और नागा समुदायों के कम से कम 50 लोगों को कथित तौर पर बंधक बना लिया गया था।
अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं और कई नागरिक समाज संगठनों के निरंतर प्रयासों के बाद दोनों समुदायों के लगभग 30 लोगों को 14 और 15 मई को रिहा कर दिया गया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पहले कहा था कि 13 मई को कांगपोकपी जिले में छह नागा ग्रामीणों के अपहरण और तीन चर्च नेताओं की हत्या से संबंधित मामलों को विस्तृत जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया गया है।
इसी बीच, एक अलग अभियान में सुरक्षा बलों ने थौबल जिले के वैथौ संगोमसांग इलाके से पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और उसके राजनीतिक विंग, रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ) के दो कट्टर कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों की पहचान सनसम सनमतुम मेइतेई उर्फ टॉमपोक उर्फ ओनेमन (32 वर्ष) और येंगकोकपाम प्रेमचंद सिंह उर्फ चिंगसांगलाकपा (26 वर्ष) के रूप में हुई।
एक अन्य अभियान में, सुरक्षा बलों ने तेंगनुपाल जिले के भारत-म्यांमार सीमावर्ती क्षेत्रों से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की। बरामद की गई वस्तुओं में एक देसी बंदूक, एक 9 मिमी पिस्तौल (मैगजीन सहित), एक .22 अमेरिकी पिस्तौल (मैगजीन सहित), चार रेडियो सेट और चार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) शामिल थे।
--आईएएनएस
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