नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने मालवीय नगर होटल अग्निकांड के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस घटना में 21 लोगों की मौत हो गई थी। आरोपियों में होटल मालिक लवकेश बजाज भी शामिल हैं।
साकेत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है और गुरुवार को इस पर विचार किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, होटल मैनेजमेंट की लापरवाही और सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
मालवीय नगर के भीड़-भाड़ वाले हौज रानी इलाके में स्थित 'फ्लोरिश स्टे' होटल में तड़के भीषण आग लग गई थी, जिससे कई मंजिला इमारत में मेहमान फंस गए।
इस आग में भारतीय और विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, आग ने कई मंजिला इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे गर्मी और धुएं के कारण भारी नुकसान हुआ।
इस त्रासदी में मारे गए 21 लोगों में से 9 भारतीय थे, जबकि बाकी विदेशी नागरिक थे, जिनमें बांग्लादेश, लाइबेरिया, नाइजीरिया और मोजाम्बिक के नागरिक शामिल थे।
सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन, नियमों के पालन में कमी और लापरवाही के आरोपों के बाद, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत गैर-इरादतन हत्या और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
आग लगने के कुछ ही समय बाद दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया। शुरुआती जांच के दौरान उसके और उसकी पत्नी के खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था।
शुरुआती जांच से संकेत मिला था कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी हो सकती है, जबकि जांचकर्ताओं ने यह भी पता लगाने की कोशिश की कि क्या अनिवार्य अग्नि सुरक्षा उपाय और बाहर निकलने की व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।
पुलिस को पता चला कि प्रॉपर्टी 'बेड एंड ब्रेकफास्ट' (बीएंडबी) योजना के तहत रजिस्टर्ड थी, जिसमें केवल छह कमरों के संचालन की अनुमति थी, लेकिन कथित तौर पर इसे लगभग 25 कमरों के साथ चलाया जा रहा था।
बेसमेंट में भी कथित तौर पर कई कमरे चलाए जा रहे थे, जिससे सुरक्षा और नियामक नियमों के पालन पर सवाल उठते हैं।
दिल्ली सरकार ने पहले ही घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे और अवैध प्रॉपर्टी, अनधिकृत गेस्ट हाउस और अग्नि सुरक्षा नियमों व बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करके चल रहे प्रतिष्ठानों के खिलाफ शहर-व्यापी कार्रवाई की घोषणा की थी।
जांच के दौरान बजाज के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की गई। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, उसे पहले बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा जाली भारतीय पहचान दस्तावेजों और पासपोर्ट के कथित इस्तेमाल से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
बाद में पुलिस ने उस अलग मामले में बजाज और दो अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जमानत पर रिहा होने से पहले बजाज ने तिहाड़ जेल में लगभग 15 दिन बिताए थे और इस मामले की कार्यवाही अदालत में लंबित है।
--आईएएनएस
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