आइजोल, 3 सितंबर (आईएएनएस)। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गुरुवार को अधिकारियों को भ्रष्टाचार और अन्य कुप्रथाओं का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए कानून के प्रावधानों का सख्ती से उपयोग करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बिना किसी डर या पक्षपात के हर जांच करने का आग्रह किया। अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए लालदुहोमा ने कहा कि उन्होंने सभी सरकारी विभागों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को सतर्कता विभाग द्वारा मिजोरम लोकायुक्त, भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) और मिजोरम पुलिस के लिए आयोजित 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला' का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पारदर्शी और स्वच्छ सरकार स्थापित करने की इच्छा से, प्रशासन ने लोकायुक्त को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। एसीबी के लिए नए वाहनों की खरीद को मंजूरी दे दी गई है और लोकायुक्त जांच अधिकारियों को भी वाहन भत्ते प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान वित्तीय कठिनाइयों के कारण एसीबी कर्मियों को दिया जाने वाला विशेष प्रोत्साहन भत्ता और लोकायुक्त जांच अधिकारियों को भी यह भत्ता दिया जाएगा।
लालदुहोमा ने आगे कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी अभियानों के लिए आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि पर्याप्त अवसंरचनात्मक और भौतिक सहायता प्रदान की गई है, फिर भी कर्मियों का कौशल, बुद्धिमत्ता और समर्पण सर्वोपरि है, यही कारण है कि सतर्कता विभाग ने इस प्रशिक्षण और कार्यशाला का आयोजन किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून जांच अधिकारियों को व्यापक अधिकार प्रदान करता है, जिसका उपयोग भ्रष्टाचार और कदाचार को उजागर करने के लिए कानूनी सीमाओं के भीतर ही किया जाना चाहिए।
लालदुहोमा ने उनसे बिना किसी डर या पक्षपात के हर जांच करने का आग्रह किया। अंतर-विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सभी सरकारी विभागों को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया है।
उनके अच्छे कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अभी भी कई जांच और मामले लंबित हैं, और अधिकारियों से अपने सर्वोत्तम प्रयास जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए सतर्कता विभाग की सराहना भी की।
मुख्य सचिव और मुख्य सतर्कता अधिकारी खिल्ली राम मीना ने अपने संबोधन में कार्यशाला के उद्देश्य को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी कर्मियों के कौशल को निखारने से उनकी क्षमता बढ़ेगी, त्वरित कार्रवाई संभव होगी और अधिक प्रेरणा एवं टीम वर्क को बढ़ावा मिलेगा।
--आईएएनएस
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