मुंबई, 2 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने दिशा सालियान केस, एमपीएससी पेपर लीक, राहुल गांधी के एसआईआर 'वोट चोरी' वाले बयान और कूपर हॉस्पिटल बुर्का मामले पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए दिशा सालियान केस पर कहा कि यह केस अब सीबीआई के हाथों में है। मुंबई पुलिस को इस केस की जांच में जो भी सबूत या जानकारी मिली थी, वह सीबीआई को हैंडओवर करने को कहा गया है।
योगेश कदम ने कहा कि जब भी कोई घटना होती है तो शुरुआत के दिन जांच के लिए बहुत मायने रखते हैं। अब मुंबई पुलिस की हाथों से सीबीआई को केस हैंडओवर किया गया है। एक महिला की मृत्यु हुई थी, तो इससे पीछे के वजह सामने आने के साथ उसे जरूर न्याय मिलना चाहिए। इस केस में सीबीआई को जो भी मदद चाहिए, सरकार की ओर से दी जाएगी और मामले में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसका भी खास ध्यान रखा जाएगा।
एमपीएससी पेपर लीक मामले में एक और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। इसके लिए उन्होंने कहा कि जब भी इस प्रकार की पेपर लीक की घटना होती है, तब सिर्फ बच्चों का नहीं, बल्कि डिपार्टमेंट का भी नुकसान होता है। गृह राज्य मंत्री ने आगे कहा कि हमें इस पेपर लीक की घटना से सीख लेनी चाहिए कि यह कैसे और किस माध्यम से की गई है। सरकार होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में दोहराई न जाएं।
इसके लिए क्या नए नियम और पॉलिसी में बदलाव लाने हैं, इस पर काम करना बहुत जरूरी है। आज के समय में लाखों की संख्या में महाराष्ट्र के उम्मीदवार एमपीएससी की परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में उनको न्याय मिलना बहुत जरूरी है। एक छात्र मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करता है। ऐसे में अगर पेपर लीक हो जाएं तो वे निराश होने के साथ डिप्रेशन की स्थिति में जाने लगते हैं। इन चीजों में सुधार लाने के लिए पहले सिस्टम में क्या-क्या खामियां हैं, इस पर ध्यान देने की जरूरत है और इसके आधार पर नए नियम बनाए जाने चाहिए।
एसआईआर पर बात करते हुए गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि अभी तो एसआईआर की प्रक्रिया पूरी ही नहीं हुई है। अभी तो सर्वे और मैपिंग हुए हैं। मैपिंग में जो वोटर उस स्थान पर है ही नहीं, उनकी मैपिंग नहीं हुई है। वहीं, जिनकी मैपिंग नहीं हुई है, उनके पास एक और मौका है। वह सुनवाई में अपने सभी दस्तावेज पेश कर देश के नागरिक होने का सबूत पेश करें और अगर वह सही पाए गए, तो प्रोफेस के आधार पर उनका नाम वोटर लिस्ट में जुड़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसआईआर अंतिम सूची नहीं है। वहीं, अगर ढाई करोड़ लोग उस जगह पर नहीं थे, तो वोटिंग कैसे कर रहे थे। यह सवाल तो खड़ा होता है न। गृह राज्य मंत्री ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठिए लाखों की संख्या में थे। अवैध तरीके से वहां रह रहे थे। वह पूरे भारत वर्ष में एक फेक आईडी बनाकर वोटिंग कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जब यह 100 प्रतिशत पूरी हो जाएगी, उसके बाद हम इस पर टिप्पणी कर पाएंगे। कूपर हॉस्पिटल बुर्का मामले पर उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उनको इस प्रकार की बातें करनी चाहिए थी। आज वह अगर इस प्रकार की बातें कर रहे हैं तो वह बच्चों को भटकाने का काम कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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