मुंबई, 28 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य भर के ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कैब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा को लेकर एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की है कि राज्य में काम करने वाले सभी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को कामकाज लायक मराठी सीखने के लिए एक साल का समय दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद ड्राइवरों की प्रतिक्रिया सामने आई है।
एक ऑटो ड्राइवर ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "यह बहुत अच्छी बात है। यह एक अच्छा कदम है। मैं 24 साल से गाड़ी चला रहा हूं और मुझे कभी कोई परेशानी नहीं हुई। अगर मुझे मराठी नहीं आती, तो यात्री खुद ही हिंदी में बात करने लगते हैं, लेकिन मराठी सीखना अच्छी बात है।"
उत्तर प्रदेश से आए एक टैक्सी ड्राइवर ने कहा, "हम यूपी से हैं। सरकार ने जो मराठी सीखने की समय सीमा बढ़ाई है, वह बहुत अच्छा फैसला है। हम इतने समय में आराम से मराठी सीख जाएंगे। हालांकि, अभी भी हमें कोई दिक्कत नहीं होती है। यात्री ज्यादातर हिंदी समझ लेते हैं।"
वहीं एक अन्य पुराने ड्राइवर ने कहा, "इतने समय से टैक्सी चला रहे हैं तो काफी हद तक मराठी समझ आती है। बस बोलने में थोड़ा दिक्कत होता है। एक साल का समय काफी है, हम कोशिश करेंगे कि अच्छे से बोलना भी सीख लें।"
एक और ड्राइवर ने बताया, "ज्यादातर लोगों को हिंदी आती है तो हमें उतनी दिक्कत नहीं होती है। कई बार हम टूटी-फूटी मराठी बोलते हैं तो भी सामने वाला हिंदी में जवाब देता है। लेकिन अगर सरकार कह रही है तो हम सीख लेंगे। इससे हमारा ही फायदा है।"
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालकों को बोलचाल की मराठी भाषा सीखने के लिए 1 साल का समय दिया है। इस दौरान चालकों के लिए सीखने हेतु कक्षाएं भी लगाई जाएंगी।
--आईएएनएस
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