मुंबई, 4 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की सड़कों पर दौड़ रहे खटारा और अवैध ऑटो रिक्शा पर सरकार सख्त हो गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मोटर वाहन विभाग को साफ निर्देश दिए हैं कि 5 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाकर ऐसी सभी स्क्रैप रिक्शा पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ करने वाला एक भी रिक्शा सड़क पर दिखना नहीं चाहिए।
परिवहन मंत्री ने परिवहन आयुक्त कार्यालय में इस मुद्दे पर एक विशेष बैठक बुलाई। बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर, रिक्शा-टैक्सी यूनियन के नेता शशांक राव और राज्य भर के विभिन्न रिक्शा संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में लगातार मिल रही शिकायतों पर गंभीरता से चर्चा हुई कि कैसे स्क्रैप घोषित हो चुके रिक्शों को फर्जी कागजातों के सहारे दोबारा सड़क पर उतारा जा रहा है।
मंत्री सरनाईक ने कहा, "गैर-कानूनी तरीके से सड़कों पर दौड़ रहे स्क्रैप रिक्शा यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अवैध व खतरनाक वाहनों से यात्री परिवहन की कोई छूट नहीं दी जाएगी।"
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्क्रैप घोषित हो चुके रिक्शों का दोबारा इस्तेमाल, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके रजिस्ट्रेशन और नियमों का उल्लंघन कर यात्री ढोने वाले वाहनों की गहन जांच की जाए। ऐसे वाहनों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने के साथ ही उन्हें जब्त करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाए।
मंत्री ने सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में यह विशेष अभियान प्रभावी रूप से चलाने का आदेश दिया है। सभी आरटीओ को 5 अक्टूबर तक की गई कार्रवाई की समीक्षा रिपोर्ट पेश करने को भी कहा गया है।
बैठक में रिक्शा संगठनों ने भी इस अभियान का समर्थन किया। संगठनों का कहना था कि कुछ अवैध रिक्शाओं की वजह से पूरे ऑटो व्यवसाय की छवि खराब होती है। उन्होंने माना कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए केवल अधिकृत, फिटनेस पास और सुरक्षित वाहनों को ही सड़क पर चलने की अनुमति होनी चाहिए।
मुंबई, ठाणे, पुणे और नागपुर समेत कई बड़े शहरों में बड़ी संख्या में भंगार हो चुकी रिक्शाएं बिना परमिट और फिटनेस के दौड़ रही हैं। इनमें ब्रेक फेल, बॉडी टूटी-फूटी और मीटर में गड़बड़ी जैसी खामियां आम हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। सरकार के इस फैसले के बाद अब ऐसे वाहनों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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