मुंबई, 16 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंगलवार को महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें स्वास्थ्य, ग्रामीण पेयजल, तकनीकी नवाचार और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई।
मध्य भारत में मेडिकल जांच सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने नागपुर हाई-एनर्जी मेडिकल साइक्लोट्रॉन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
मेडिकल एजुकेशन एंड ड्रग्स विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत क्षेत्र में अपनी तरह की एकमात्र अत्याधुनिक साइक्लोट्रॉन सुविधा स्थापित की जाएगी। इससे जटिल बीमारियों की जांच और इलाज में अधिक सटीकता आएगी। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को अब उन्नत मेडिकल स्कैन और जांच के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।
महाराष्ट्र को तकनीक और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने महाराष्ट्र अनमैन्ड सिस्टम्स पॉलिसी 2026 को भी मंजूरी दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विभाग द्वारा संचालित यह नीति हवाई, समुद्री और जमीनी क्षेत्रों में उपयोग होने वाले मानवरहित वाहनों (ड्रोन आदि) के निर्माण को बढ़ावा देगी।
इस नीति के तहत ड्रोन, कृषि के लिए स्वचालित प्रणालियों तथा खतरनाक और चुनौतीपूर्ण औद्योगिक कार्यों के लिए विशेष रोबोटों के अनुसंधान एवं विकास, निर्माण और कौशल प्रशिक्षण को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए कैबिनेट ने महाराष्ट्र ग्रामीण पेयजल नीति 2026 को मंजूरी दी है। जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की यह नीति विभिन्न जल योजनाओं को जोड़कर ग्रामीण जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करेगी। इसका उद्देश्य राज्य के हर ग्रामीण घर तक स्वच्छ, कीटाणुरहित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाना है।
इसके अलावा, कैबिनेट ने महाराष्ट्र में भारतनेट कार्यक्रम के संशोधित क्रियान्वयन मॉडल को भी मंजूरी दी है। इसके लिए महानेट डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नाम से एक विशेष प्रयोजन कंपनी बनाई जाएगी। जो ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में तेज इंटरनेट और ब्रॉडबैंड नेटवर्क के विस्तार का काम करेगी।
कैबिनेट ने महाराष्ट्र रोजगार गारंटी अधिनियम, 1977 में संशोधन के लिए एक अध्यादेश को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य के कानूनों को विकसित भारत - जी रामजी एक्ट, 2025 के प्रावधानों के अनुरूप बनाना है, ताकि संबंधित कल्याणकारी योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा सके।
स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को राहत देते हुए कैबिनेट ने जाति वैधता प्रमाणपत्र जमा करने की समय-सीमा में अंतिम छह महीने का विस्तार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए संबंधित नगर निगम और नगरपालिका कानूनों में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे, ताकि इस विस्तार को कानूनी मान्यता मिल सके।
--आईएएनएस
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