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महाराष्ट्र : नितेश राणे की शरद पवार से मुलाकात, मत्स्य उद्योग और बंदरगाह विकास पर हुई चर्चा

महाराष्ट्र

मुंबई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को वरिष्ठ नेता शरद पवार से उनके मुंबई स्थित आवास 'सिल्वर ओक' में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राज्य के मत्स्य उद्योग, मछुआरों के कल्याण और बंदरगाहों के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री नितेश राणे ने शरद पवार को ससून डॉक के आधुनिकीकरण के लिए मत्स्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने 'मुख्यमंत्री मत्स्य निधि योजना' की सूचना पुस्तिका भी उन्हें सौंपते हुए योजना के उद्देश्य और लाभों से अवगत कराया। बैठक में मत्स्य एवं बंदरगाह विभाग द्वारा हाल ही में लिए गए विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी चर्चा की गई।

नितेश राणे ने बताया कि राज्य में मत्स्य उद्योग को और मजबूत करने, मछुआरों के हितों की रक्षा करने तथा बंदरगाहों के विकास को गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

इस बीच नितेश राणे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी, "सिंधुदुर्ग जिले में अंतर्देशीय जल परिवहन सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई फेरी सेवाएं शुरू करने की योजना पर प्रस्तुतीकरण आयोजित किया गया।" उन्होंने बताया कि प्राका इंजीनियरिंग शिपयार्ड और अन्य कंपनियों ने बीओओ, बीओटी और पीपीपी मॉडल के तहत नई फेरी बोट के निर्माण, संचालन और रखरखाव का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

प्रस्तावित फेरी मार्गों में कुर्ली-तारकरली, काली-देवबाग, देवबाग-निवती, विजयदुर्ग अनुसरे-डांडे और अरोंदा-किरनपानी मार्ग शामिल हैं।

योजना के तहत सबसे पहले कुर्ली से तारकरली के बीच पायलट फेरी सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है। वर्तमान में सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में करीब डेढ़ से दो घंटे लगते हैं, जबकि फेरी सेवा शुरू होने के बाद यह सफर मात्र 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से यात्रा का समय काफी कम होगा और पर्यटन, स्थानीय परिवहन तथा कोंकण तट के आर्थिक विकास को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। इस प्रस्तुतीकरण के दौरान महाराष्ट्र मेरीटाइम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप पी. सहित संबंधित अधिकारी और परियोजना से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

मंत्री नितेश राणे ने कहा कि राज्य सरकार समुद्री और जल परिवहन क्षेत्र को आधुनिक बनाने के साथ-साथ मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम