मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के ठाणे के कल्याण के चिकनिपाड़ा इलाके में शुक्रवार तड़के मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। दरसअल, श्री विट्ठल मंदिर के बाहर एक पेड़ के नीचे कचरे के डिब्बे में एक नवजात के मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
कचरे के डिब्बे में नवजात के होने का खुलासा तब हुआ, जब सुबह मंदिर परिसर में आने वाले लोगों की नजर बोरी पर पड़ी। लोगों ने जब बोरी की जांच की तो उसके अंदर एक नवजात मिला। स्थानीय महिला पूजा दावेकर ने नवजात को रुक्मणीबाई अस्पताल पहुंचाया।
मानवता को झकझोर देने वाली इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने नवजात को इस तरह लावारिस छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार नवजात की उम्र लगभग 6 से 7 दिन है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल सामान्य एवं स्थिर है। रुक्मणीबाई अस्पताल की डॉ. सुलोचना त्रिभुवन ने नवजात की प्राथमिक जांच के बाद उसे आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
अस्पताल प्रशासन ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए नवजात को शिशु गृह भेजने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि उसकी उचित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित की जा सके।
वहीं, मामले की जानकारी मिलते ही कोलसेवाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस मंदिर परिसर तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि नवजात को वहां छोड़कर जाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान की जा सके। इसके अलावा आसपास के नागरिकों, दुकानदारों और मंदिर से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही जिम्मेदार लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में नवजात बच्चों को लावारिस छोड़ने जैसी अमानवीय घटनाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।